
रायपुर/ राजधानी के लाखे नगर स्थित बिजली कार्यालय में आज उस समय भारी जनआक्रोश देखने को मिला, जब स्मार्ट मीटर के माध्यम से आ रहे मनमाने और अत्यधिक बिजली बिलों से परेशान पचासों उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचे । दफ्तर में किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा सुनवाई न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल को मौके पर सूचना देकर बुलवाया ।
उपभोक्ताओं की सुध लेने पहुंचे कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने जब मौके पर अधिकारियों की संवेदनहीनता देखी, तो वे आक्रोशित हो उठे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और पीड़ित उपभोक्ताओं के साथ बिजली ऑफिस के भीतर ही धरने पर बैठ गए। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस धरने और विरोध प्रदर्शन के सामने आखिरकार बिजली विभाग के प्रबंधन को झुकना पड़ा ।
**वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया आश्वासन**
नाराजगी की स्थिति को देखते हुए विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कन्हैया अग्रवाल और उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि अचानक बिजली बिलों में हुई 3 गुना, 4 गुना और 5 गुना तक की अप्रत्याशित वृद्धि की पूरी जांच की जाएगी और गड़बड़ी पाए जाने पर बिलों में सुधार किया जाएगा । अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
मुख्यमंत्री अपना विभाग नहीं संभाल पा रहे: कन्हैया
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने राज्य सरकार और बिजली विभाग पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा: “स्मार्ट मीटर के माध्यम से जनता की जेब पर जो डकैती डाली जा रही है, उसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री जी से अपना खुद का बिजली विभाग नहीं संभल रहा है। ‘अडानी के स्मार्ट मीटर’ आम जनता का खून चूस रहे हैं और उनके प्राण ले रहे हैं।”
अग्रवाल ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि आज तो यह सिर्फ एक दफ्तर का घेराव था, लेकिन अगर भविष्य में उपभोक्ताओं को इसी तरह प्रताड़ित किया गया या उनके बिलों में सुधार नहीं हुआ, तो सीधे बिजली विभाग के मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन में कन्हैया अग्रवाल के साथ क्षेत्र के नागरिक बड़ी संख्या में पीड़ित बिजली उपभोक्ता उपस्थित रहे।







