महाशिवरात्रि पर्व: महादेव की पूजा के शुभ मुहूर्त और मंत्र, रात्रि में भी बन रहे हैं चार प्रहर के शुभ मुहूर्त
शम्भू कैलाशपति पतये नमः, नमः पार्वती पतये हर हर महादेव

सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा के लिए महाशिवरात्रि साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। मान्यतानुसार महाशिवरात्रि पर ही महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इस अवसर पर असुर और देवता सभी महादेव की बारात में शामिल हुए थे। सनातन धर्म की मान्यतानुसार महाशिवरात्रि का व्रत रखने पर मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और वैवाहिक लोगों को अच्छे वैवाहिक जीवन का वरदान मिलता है। मान्यतानुसार महाशिवरात्रि पर महादेव की पूरे मनोभाव से पूजा करें तो भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
आज महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा किस समय की जा सकती है। महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है। इसके अलावा प्रात: काल का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 47 मिनट से 9 बजकर 42 मिनट है. मध्यान्ह का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट है। प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 25 मिनट से शाम 6 बजकर 8 मिनट है और रात्रि मुहूर्त रात 8 बजकर 54 मिनट से रात 12 बजकर 1 मिनट तक है। महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार प्रहर के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिनमें महादेव की पूजा संपन्न की जा सकती है।







