छत्तीसगढ़राजनीति

रसूखदार को बचाने भारतमाला मुआवजे की सीबीआई जांच नहीं करवा रहे – कांग्रेस

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतमाला परियोजना के जमीन अधिग्रहण घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने की बात कही है। जिसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार इस मामले में संलिप्त रसूखदारों को बचाने के लिए ईओडब्ल्यू की जांच करवा रही है। भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की योजना है। इस मामले में मुआवजे का जो घोटाला हुआ है उसमें केंद्र सरकार के खजाने पर डाका डाला गया है। अतः इसकी जांच केंद्र सरकार की एजेंसियों को करना चाहिये। केंद्रीय राशि पर घपले की जांच सीबीआई को करना चाहिये। साथ ही सैकड़ों रू. का लेन देन में जो गड़बड़ी किया गया है। अतः ईडी भी इस मामले की जांच करे।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारत माला परियोजना में अभी जो घोटाला सामने आया है वह तो केवल एक तहसील का है। इस पूरे सड़क परियोजना के भूमि अधिग्रहण की सूक्ष्म जांच होनी चाहिये। यह हजारों करोड़ का सुनियोजित घोटाला है जिसमें संगठित गिरोह बना कर मुआवजा वसूला गया है। रायपुर से हैदराबाद सड़क के भूमि अधिग्रहण की जांच कराया जाना आवश्यक है।

राजस्व के घोटालेबाजों की जांच राजस्व के ही अधिकारी कैसे करेंगे – कन्हैया अग्रवाल


वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि जब राज्य सरकार विधानसभा में स्वीकार कर रही है कि भारतमाला परियोजना रायपुर से विशाखापत्तनम राज मार्ग में घोटाला हुआ है। घोटाले का मुखिया का नाम भी मालूम है तो घोटाला करने वाले भू माफिया हरमीत खनुजा व राजस्व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने जांच से परहेज क्यों कर रही है सरकार। जब घोटाले को अंजाम ही राजस्व के अफसर के संरक्षण में दिया गया है और घोटाले की जांच राजस्व के अफ़सर कैसे करेंगे। जांच में पारदर्शिता कैसे होगी और कैसे असली अभियुक्त पकड़े जाएंगे, शासन के 350 करोड़ जैसी बड़ी राशि की वसूली कैसे होगी। भारतीय जनता पार्टी के लोगों को मालूम है की मुख्य अभियुक्त कौन है तो सीधे उसके खिलाफ कार्रवाई सरकार क्यों नहीं करती है। घोटाला यदि कांग्रेस सरकार में हुआ है तो भी घोटालेबाजों को गिरफ्तार करने की मांग कांग्रेस कर रही है और उनको बचाने का प्रयास भाजपा की प्रदेश सरकार कर रही है। यदि सरकार में हिम्मत है तो घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की घोषणा करे और केंद्र से लेकर राज्य की सरकार के हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया है उन सब के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जेल भेजा जाए।

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