
NNH रायपुर/ कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि और जब तक जांच पूरी नहीं होती, स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा नहीं देते है तो मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटा देना चाहिए। पूरे घोटाले दौरान जो अधिकारी विभाग में पोस्टेड थे उन्हें निलंबित कर जांच होनी चाहिए क्योंकि उनकी उपस्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लगातार मीडिया में खबरें बनने के बाद दबाव में राज्य की भाजपा सरकार ने रिएजेंट और दवा सप्लाई घोटाले की जांच की घोषणा की थी। इस मामले की लीपापोती करने ईओडब्ल्यू से जांच कराई जा रही जबकि यह केंद्रीय पैसे में घोटाला है, अतः इसकी जांच सीबीआई से होनी चाहिए। इस घोटाले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल है। उन्होंने चलती जांच के बीच सप्लाई करने वाली कंपनी को भुगतान करवा दिया। इससे साफ है कि घोटाले में मंत्री की सहभागिता थी।
विधायक सुनील सोनी ने स्वास्थ्य मंत्री से त्यागपत्र की मांग को बताया हास्यास्पद
वहीं रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने कांग्रेस की उस मांग को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से त्यागपत्र की मांग की है।
रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि सैकड़ों करोड़ का घोटाला करने वाले कांग्रेसी अब उनके कर्मों की हो रही जाँच से हताश एवं घबराए हुए हैं और अनर्गल प्रलाप कर प्रदेश को गुमराह करने में लगे हैं। दरअसल प्रदेश के भाजपा सरकार ने जिस तत्परता से ई.ओ.डब्ल्यू. से जाँच कराकर छत्तीसगढ़ के एक पैसे का भी दुरुपयोग करने वालों को जेल भेजने का कार्य किया है, वह सराहनीय है। श्री सोनी ने कहा कि कांग्रेस शासन में छत्तीसगढ़ में सी.बी.आई. को प्रतिबंधित करने वाले आज उसी से जाँच की मांग कर समय काटने का रास्ता देख रहे हैं, ताकि भ्रष्टाचारियों के बचाव के जुगाड़ खोजे जा सकें। स्वास्थ्य मंत्री से त्यागपत्र की मांग करने वाले लोग अपने शासनकाल में खुली आँखों से इस भ्रष्टाचार को देखते रहे, जो इस घोटाले में इनकी हिस्सेदारी का भी संदेह पैदा करता है। विधायक सोनी ने स्वास्थ्य मंत्री को निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई के लिए बधाई देते हुए मांग की है कि बडे-से-बड़े अधिकारी एवं कांग्रेस के नेताओं की संलिप्तता को उजागर कर दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में छत्तीसगढ़ को लूटने का दुस्साहस कोई न कर सके।






