NH-MMI हॉस्पिटल रायपुर पर जुर्माना और लाइसेंस निरस्त करने नोटिस जारी
पीड़ित परिवार ने कहा रेड एम्बुलेंस पर भी कार्रवाई की करेंगे मांग

NNH रायपुर/ 12 सितंबर 2024 को रायपुर के लालपुर में स्थित NH-MMI हॉस्पिटल में भर्ती भारती देवी खेमानी की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद भारती देवी के परिजनों ने अस्पताल और रेड एम्बुलेंस पर लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों का साफ कहना था कि बिना किसी डॉक्टर और ऑक्सीजन के एयरपोर्ट तक एम्बुलेंस ले जाया गया था, इस दौरान मरीज की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद भारी हंगामा भी हुआ था और MMI अस्पताल के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। तथा मृतक के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही रायपुर कलेक्टर से भी अस्पताल की शिकायत की थी, और जिसके बाद जांच के आदेश जारी किए गए थे।

अब जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद NHMMI पर 20000 रुपए जुर्माना लगाने के साथ ही अस्पताल का लायसेंस निरस्त करने बाबत 30 दिन का नोटिस जारी किया गया है।
नर्सिंग होम एक्ट (Chhattisgarh State Nursing Home and Clinical Establishments Act, 2010) के तहत, यदि कोई नर्सिंग होम या क्लिनिकल स्थापन के लाइसेंस को रद्द या निलंबित करने का विचार किया जाता है, तो पर्यवेक्षी प्राधिकरण (Supervisory Authority) उस नर्सिंग होम या स्थापना को 30 दिन का नोटिस देता है, इस नोटिस में, लाइसेंस रद्द या निलंबित करने के कारण और आधार शामिल होते हैं।
इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, पर्यवेक्षी प्राधिकरण उस नर्सिंग होम या क्लिनिकल स्थापन को 30 दिन का नोटिस देगा जिसका लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जाना चाहा जा रहा है, नोटिस में वह कारण और आधार शामिल होगा जिसके आधार पर लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जाना चाहा जा रहा है।
यदि किसी लाइसेंस प्राप्त नर्सिंग होम या क्लिनिकल स्थापन को इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया है, तो वह नर्सिंग होम या क्लिनिकल स्थापन को सुनवाई का उचित अवसर देने के पश्चात लाइसेंस को रद्द या निलंबित कर सकेगा।
लाइसेंस रद्द करने से पहले नोटिस दिया जाना – इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, पर्यवेक्षी प्राधिकरण उस नर्सिंग होम या क्लिनिकल प्रतिष्ठान को 30 दिन का नोटिस देगा जिसका लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जाना है। नोटिस में वह कारण और आधार शामिल होगा जिसके आधार पर लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जाना है। यदि नोटिस में ऐसा अनुरोध किया जाता है, तो नोटिस के बचाव में व्यक्तिगत सुनवाई भी की जा सकती है। यदि उपर्युक्त प्रक्रिया का पालन करने तथा नोटिस प्राप्तकर्ता के मामले की सुनवाई के पश्चात पर्यवेक्षी प्राधिकारी लाइसेंस को रद्द या निलंबित करने का निर्णय लेता है, तो वह इस आशय का एक आदेश पारित करेगा, जिसमें लाइसेंस के ऐसे रद्द या निलंबित करने के कारण अंतर्विष्ट होंगे।
वहीं दिवंगत भारती देवी खेमानी के पुत्र ओम खेमानी ने कहा कि एक लंबी लड़ाई के बाद अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, और जांच में यह पाया गया है कि अस्पताल ने लापरवाही की थी, इसलिए जुर्माना लगाने के साथ ही NH-MMI अस्पताल को लाइसेंस निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। ओमी खेमानी ने बताया कि नोटिस में रेड एम्बुलेंस का कहीं कोई उल्लेख नही है, जबकि अस्पताल के साथ साथ रेड एम्बुलेंस की लापरवाही के कारण भी मेरी माँ की मृत्यु हो गई थी। इसलिए उन्होंने आशंका जताई है कि NH-MMI अस्पताल नोटिस अवधि में अपनी लापरवाही का दोष रेड एम्बुलेंस डालकर बचने की कोशिश कर सकता है, इसलिए रायपुर कलेक्टर से मिलकर रेड एम्बुलेंस पर भी कार्रवाई की मांग करेंगे।







