ईंधन के सीमित उपयोग, उर्जा संरक्षण के साथ ही देशहित में पीएम मोदी की अपील का करें समर्थन – सुभाष अग्रवाल

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुभाष अग्रवाल ने कहा कि देश आज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां आर्थिक आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और स्वदेशी सोच केवल विकल्प नहीं बल्कि राष्ट्र की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार देश को आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ा रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व बनता है कि वह केवल सरकार पर निर्भर न रहे, बल्कि स्वयं भी राष्ट्रहित में जिम्मेदार और संयमित जीवनशैली अपनाए।
सुभाष अग्रवाल ने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन पेट्रोल-डीजल और सोने जैसे आयातित संसाधनों पर अत्यधिक निर्भरता देश की विदेशी मुद्रा पर अनावश्यक दबाव बनाती है। यदि देश को वास्तविक रूप से आर्थिक महाशक्ति बनाना है तो हमें उपभोग आधारित मानसिकता से बाहर निकलकर उत्पादन, बचत और राष्ट्रहित आधारित जीवनशैली अपनानी होगी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर “वोकल फॉर लोकल”, “मेड इन इंडिया” और ऊर्जा बचत का जो संदेश दिया गया है, वह केवल सरकारी नारा नहीं बल्कि आने वाले समय में भारत की आर्थिक सुरक्षा का रोडमैप है। देशवासियों को समझना होगा कि पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत सीधे-सीधे विदेशी मुद्रा के बाहर जाने का कारण बनती है।
सुभाष अग्रवाल ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि शहरों में ओला-उबर जैसी सेवाओं में कार पूलिंग और पूर्ण शेयरिंग व्यवस्था को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि एक दिशा में जाने वाले लोग एक ही वाहन का उपयोग करें और ईंधन की बचत हो। बिना उद्देश्य देर रात तक चलने वाली चौपाटियों और अनावश्यक भीड़भाड़ पर भी नियंत्रण होना चाहिए, क्योंकि केवल मनोरंजन और दिखावे के लिए वाहनों का अत्यधिक उपयोग राष्ट्रीय संसाधनों की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि शहरों के दर्शनीय स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सप्ताह में कम से कम दो दिन नियंत्रित अवकाश व्यवस्था लागू की जा सकती है, ताकि अनावश्यक ट्रैफिक कम हो। साइकिल, ई-स्कूटर और बैटरी चालित वाहनों पर टैक्स में बड़ी राहत दी जाए तथा साइकिल से बाजार आने वाले ग्राहकों को विशेष छूट और प्रोत्साहन दिया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ईंधन बचत भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि आज बाजार कुछ सीमित क्षेत्रों तक सिमट गए हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी बढ़ रही है। बाजारों का विकेंद्रीकरण कर प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही ट्रैफिक सिग्नलों और सड़क प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाए ताकि वाहनों की अनावश्यक रुकावट और ईंधन की खपत कम हो सके।
सुभाष अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार जिस प्रकार डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा दे रही है, उसी दिशा में होम डिलीवरी आधारित व्यापार को भी प्रोत्साहन और सब्सिडी दी जानी चाहिए। इससे एक ही वाहन द्वारा कई घरों तक सामान पहुंचेगा और हजारों व्यक्तिगत यात्राओं की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े आयोजनों, अत्यधिक भीड़ वाले कार्यक्रमों तथा लंबे मनोरंजन आयोजनों के दौरान सार्वजनिक परिवहन और ट्रैफिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आज आवश्यकता “दिखावे की अर्थव्यवस्था” से निकलकर “राष्ट्रहित की अर्थव्यवस्था” को अपनाने की है। अनावश्यक खरीदारी, फिजूल खर्च और केवल सामाजिक प्रदर्शन के लिए किए जाने वाले उपभोग को सीमित करना समय की मांग है। इसके अलावा घरों में वर्षों से निष्क्रिय पड़े सोने को लेकर भी लोगों से पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं। ऐसे समय में केवल संग्रह करने के बजाय आवश्यकता अनुसार उसका उपयोग, निवेश या वित्तीय परिसंपत्तियों में परिवर्तन देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। इससे बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, व्यापार को गति मिलेगी और आयात पर निर्भरता भी कम होगी।
सुभाष ने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। यदि सरकार की नीतियों के साथ देश का व्यापारी वर्ग, मध्यम वर्ग और आम नागरिक भी संयम, स्वदेशी और राष्ट्रहित की भावना से कार्य करें, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा, बल्कि दुनिया को आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी दिखाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों के सामूहिक त्याग, अनुशासन और जिम्मेदारी से होता है। अब समय आ गया है कि हम ईंधन, धन और संसाधनों का संयमित उपयोग कर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण करें, और देशहित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का समर्थन करें।






