छत्तीसगढ़शिक्षा

शासकीय स्कूलों की तरह निजी विद्यालयों को भी पहुंचाकर दी जाएगी पुस्तकें

पाठ्य पुस्तक निगम ने किया फैसला

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने बुधवार को पाठ्य पुस्तक निगम के गोदाम के सामने अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने नारेबाजी करते हुए निगम के एम.डी. पर भेदभावपूर्ण और सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाया था, और उनका कहना था कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक पुस्तकें उपलब्ध नही कराई जा रही थी।

अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के अध्यक्ष सुबोध राठी ने प्रदर्शन के दौरान मांग करते हुए कहा था कि जब तक निजी स्कूलों को भी पुस्तकें शासकीय विद्यालयों की तरह सीधे पहुंचाकर नहीं दी जातीं, तब तक वे पुस्तकें लेने से इनकार करेंगे। वहीं राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वह इस विषय में हस्तक्षेप कर पाठ्य पुस्तक निगम की मनमानी पर रोक लगाएं और सरकारी स्कूलों की तरह ही निजी स्कूलों को भी पुस्तकें पहुंचाकर दिए जाने की अपील की थी।

जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग और पाठ्य पुस्तक निगम ने अशासकीय विद्यालय संचालक संघ की मांगों को गभीरता से लेते शासकीय स्कूलों की तरह निजी स्कूल को भी पुस्तकें उनके विद्यालय तक पहुंचाने का फैसला किया है।

अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के अध्यक्ष सुबोध राठी ने कहा कि हमारी मांग को पूरा कर निजी स्कूलों को सरकार ने राहत दी है। जिसके लिए राठी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया है

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