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एम्स रायपुर में 50वां सफल किडनी ट्रांसप्लांट, 22 वर्षीय छात्रा को उसकी माँ द्वारा डोनेट की गई किडनी प्रत्यारोपित

एम्स रायपुर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि अन्य पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी दे रहा है ये सुविधा

NNH रायपुर/ एम्स रायपुर अंगदान और अंग प्रत्यारोपण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है, जिससे गरीब एवं वंचित मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। यहां 20 बेड की किडनी ट्रांसप्लांट वार्ड विकसित किया जा रहा है और हाई ट्रांसप्लांट के लिए मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

18 मार्च को एम्स रायपुर ने 50वां किडनी ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक पूरा किया। अनूपपुर की 22 वर्षीय छात्रा को उसकी माता द्वारा दान की गई किडनी प्रत्यारोपित की गई, वह जनवरी 2024 से किडनी रोग से पीड़ित थी और मार्च 2024 से डायलिसिस पर थी। एम्स रायपुर के रिनल ट्रांसप्लांट टीम ने यह सर्जरी सफलतापूर्वक की, और वर्तमान में डोनर एवं प्राप्तकर्ता दोनों स्वस्थ रूप से उबर रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट टीम में ट्रांसप्लांट सर्जन: डॉ. अमित शर्मा, डॉ.दीपक कुमार बिस्वाल, डॉ.सत्यदेव शर्मा, एनेस्थेटिस्ट: डॉ.सुभ्रत कुमार सिंघा, डॉ.मयंक कुमार, डॉ.जितेंद्र, ट्रांसप्लांट फिजीशियन डॉ. विनय राठौर, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर विशाल, अंबे वीनेता, ट्रांसप्लांट नर्सिंग ऑफिसर रामनिवास, बी. किरण, सोनू आदि शामिल थे।

एम्स रायपुर में किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम नवंबर 2022 में शुरू हुआ था। तब से नेफ्रोलॉजी विभाग ने जीवित एवं मृतक अंग दान कार्यक्रमों का तेजी से विस्तार किया है, जिससे एम्स रायपुर नए एम्स संस्थानों में पहला ऐसा केंद्र बन गया है, जहां मृतक अंगदान एवं ट्रांसप्लांट किया गया है। एम्स रायपुर में अब तक 50 किडनी ट्रांसप्लांट किए गए हैं, जिनमें से 40 जीवित दाताओं से और 10 मृतक दाताओं से प्राप्त किडनी द्वारा किए गए। एम्स रायपुर के डॉ.विनय राठौर ने जानकारी दी कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए रोगी और प्रत्यारोपित अंग की सफलता दर 96% है। इनमें से 46 मरीजों का ट्रांसप्लांट आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। एम्स रायपुर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी यह सुविधा दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश के 4 और उत्तर प्रदेश के 2 मरीजों को नया जीवनदान मिल चुका है। विशेष किडनी ट्रांसप्लांट क्लिनिक में 90 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट प्राप्तकर्ता और उनके डोनर का नियमित फॉलो-अप किया जा रहा है, तो वहीं मृतक डोनर पर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है।

एम्स रायपुर के ट्रांसप्लांट कार्यक्रम को और मजबूती तब मिली जब लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कार्यकारी निदेशक के रूप में पदभार संभाला। उन्होंने आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली में लिवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने और हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) कार्यकारी निदेशक और सीईओ ने बताया कि एम्स रायपुर में अब तक 75 कॉर्नियल ट्रांसप्लांट और 1 त्वचा प्रत्यारोपण भी किया जा चुका है। 20 बेड की नई समर्पित किडनी ट्रांसप्लांट वार्ड जल्द ही तैयार हो जाएगी जिससे मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
एम्स रायपुर को हृदय प्रत्यारोपण की अनुमति मिल चुकी है, और इस कार्यक्रम के लिए एम्स रायपुर के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के शुरू होने से इस क्षेत्र के मरीजों को नया जीवनदान मिलेगा।

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