बंद मंदिर खुले, रोड से हटे फर्जी टोल, कांग्रेस को वापस मिला कब्जा किया हुआ ऑफिस, बंगाल में दिखने लगा बदलाव का असर

NNH कोलकाता/ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस को बुरी तरह पटखनी दे दी है। सत्ता पलट होने के साथ ही पूरे राज्य में आगजनी, तोड़फोड़ और झड़प की खबरें सामने आ रही हैं। फिलहाल 9 मई को राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह है, उससे पहले बंगाल बीजेपी के बड़े नेता और संभावित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसके अलावा मुर्शिदाबाद के जियागंज इलाके में भीड़ ने लेनिन की मूर्ति को तोड़ दिया, तो वहीं 24 परगना में टीएमसी नेता जहांगीर खान के ऑफिस में भी भीड़ ने हमला कर तोड़फोड़ और आगजनी की है। इसी तरह पश्चिम बंगाल से कई खबरें लगातार सामने आ रही हैं लेकिन कुछ खबरें ऐसी भी हैं, जो ऐसे हालात में भी सत्ता परिवर्तन को सकारात्मक बता रही हैं।
एक ओर चुनाव के नतीजे आते ही एक तरफ बीजेपी कार्यालय में मिठाइयां बंट रही थीं। तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के कई जिलों में कांग्रेस के कार्यालय ताला तोड़कर खोले गए। कांग्रेस के इन कार्यालयों को टीएमसी ने कब्जा रखा था। बीजेपी के सत्ता में आने के साथ ही कांग्रेस को उसके कार्यालय वापस मिल गए।
कई जिलों में मंदिरों पर भी ताले लटका दिए गए थे। जैसे ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, वैसे ही इन मंदिरों के ताले खोलकर इनमें साफ-सफाई शुरु कर दी गई। पूरे पश्चिम बंगाल से ऐसे कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनसे सालों से दबी भावनाएं फिर मुखर होकर सामने आईं।
पश्चिम बंगाल से लगी अन्य राज्यों की सीमाओं पर कहीं पुलिस तो कहीं टीएमसी के कार्यकर्ता वाहनों से अवैध वसूली करते थे। सत्ता बदलते ही अब उन नाकों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। कई जगहों से ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जहां पहले वाहनों से वसूली होती थी और अब उन नाकों से वाहन सीधे निकल रहे हैं।
ऐसा शायद ही कभी देखा गया हो कि किसी राज्य में सत्ता परिवर्तन को सरकारी कर्मचारी भी खुले तौर पर समर्थन कर रहे हों। पश्चिम बंगाल सचिवालय में चुनावी नतीजे साफ होते ही सभी कर्मचारी इकट्ठे हो गए और जमकर अपनी खुशी जाहिर की। यह कर्मचारी पिछले काफी वर्षों से सरकार से डीए बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक बता रहा है कि लॉकडाउन के समय उससे स्थानीय टीएमसी नेता ने 5 लाख रुपए की मांग की थी। जिसे न देने पर उससे अंजाम भुगतने को तैयार रहने कहा गया। युवक ने जब रुपया देने से मना किया तो उसकी दुकान पर रोज कचरा फिंकवा कर उसे मानसिक रुप से प्रताड़ित किया गया। उसकी दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी भड़काया गया। सत्ता बदलते ही युवक ने वीडियो बनाकर अपनी भड़ास निकाली है।
फिलहाल सभी को 9 मई का इंतजार है। शपथ ग्रहण के बाद सरकार संभालते ही कानूनी स्थिति भी संभलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी पहली बार अपने दम पर पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है, जहां इस बदलाव से लोगों में खुशी देखी जा रही है।







