फ़िल्म लव जिहाद के निर्देशक पर यात्रा के दौरान ट्रेन में हमला
इस घटना से ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल...?

NNH मुंबई/ पंजाब मेल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12138) में यात्रा कर रहे फिल्म लव जिहाद के निर्देशक विनोद तिवारी (50 वर्ष) पर बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर कट्टरपंथियों द्वारा संगठित तरीके से हमला किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर मुंबई दादर रेलवे पुलिस थाना में पीड़ित का बयान लेकर एफआईआर दर्ज की गई है।
ट्रेन में हुई इस घटना के पीड़ित विनोद तिवारी के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को वह पंजाब मेल ट्रेन के कोच B-6, सीट नंबर 50 पर भोपाल से मुंबई की यात्रा कर रहे थे। ट्रेन भोपाल से रवाना होने के कुछ देर बाद सामने वाली सीट नंबर 49 पर बैठे यात्री ने जबरन अपना सामान उनकी सीट पर रख दिया। विनोद तिवारी ने विनम्र तऱीके से सामान हटाने कहा, नही हटाने पर विरोध करने पर सामने बैठा व्यक्ति बदतमीजी और गाली-गलौज पर उतर आया और धमकी देते हुए कहा- “कम बोलो, सामान यहीं रहेगा… हम तीखा खाते हैं और सब कुछ खा जाते हैं।”
इसपर विनोद तिवारी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तो गुंडागर्दी है। पीड़ित ने बताया है कि बुरहानपुर स्टेशन से पहले ही उस व्यक्ति ने अपने 8–10 साथियों को बुला लिया। रात करीब 11:00 बजे, जैसे ही ट्रेन बुरहानपुर स्टेशन, प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर रुकी, 5–6 लोगों ने मिलकर विनोद तिवारी को सीट से खींचकर नीचे उतारने की कोशिश कर मारपीट की और गाली गलौच किया। हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और खुलेआम कहा – “उतारो साले को, काट कर यहीं फेंक देंगे।”
विनोद तिवारी का कहना है कि अगर समय रहते वह खुद को बचाने की कोशिश नहीं करते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने ट्रेन में मौजूद टीटीई को तुरंत सूचना दी और रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान असलम अहमद (लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसने लाइट ग्रीन जैकेट पहन रखी थी। पीड़ित ने आरोपी का फोटो भी मोबाइल पर सेव कर लिया है।
विनोद तिवारी ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो शेयर किया है। और वो चाहते हैं कि रेलवे प्रशासन और पुलिस इसका संज्ञान लेकर सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
मुम्बई के दादर रेलवे पुलिस थाना में -“पीड़ित विनोद तिवारी का बयान लेकर मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है।दादर रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है, आरोपियों की पहचान कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस प्रकरण में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, कि पहले चलती ट्रेन में टीटीई और रेलवे स्टाफ की मौजूदगी में यात्री के साथ बदसलूकी की गई, और रेलवे स्टेशन के अंदर घुसकर प्लेटफार्म पर 8–10 गुंडे बदमाश इकट्ठा होकर मारपीट करने का दुःसाहस करते हैं। और रेलवे पुलिस द्वारा तत्काल कोई कार्रवाई तक नही गई। चलती ट्रेन में इस तरह की जोर जबरदस्ती, गुंडागर्दी की यह घटना रेलवे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है।







