
NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ में हुए नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव के परिणामों के बाद भाजपा-कांग्रेस के बीच वार-पलटवार जारी है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस की कलह पर बड़ा हमला करते हुए में कहा कि कांग्रेस में शायद नोटिस और निष्कासन भी पैसे के लिए किए जाते है कांग्रेस के अंदर की गजब कहानी यही कहती है जिसमें कांग्रेस के पूर्व विधायक, विनय जायसवाल ने पहले कांग्रेस पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया,फिर 6 साल के लिए निष्कासित हुए ,6 साल तो नहीं पर 6 महीने के अंदर वो पार्टी में न सिर्फ वापिस आए बल्कि महापौर का टिकट भी ले आए। उन्होंने जो आरोप कांग्रेस पर लगाया था उसी प्रकिया से वो खुद महापौर प्रत्याशी बन गए अतः कांग्रेस में बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया।
श्रीवास्तव प्रेस ब्रीफ को सम्बोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा पिछले दिनों कांग्रेस ने दो बार के विधायक कुलदीप जुनेजा ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बारे में कहा कि उनके नैतिकता नहीं है इतनी बार पार्टी को हरवाने के बाद भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया और बोलना पड़ रहा है यह शर्म की बात है अब इस बात फिर कुलदीप जुनेजा को कारण बताओ नोटिस दिया गया है अब कहानी फिर वही है कुलदीप जुनेजा जिन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निष्काशित लोगो को पैसे लेकर फिर से पार्टी में लेने का आरोप लगाया था अब फिर वो खुद पैसे देकर अपने ऊपर कार्यवाही से बचेंगे।कांग्रेस अब एक राजनीतिक दल नहीं लुटेरी गैंग बन के रह गई है जो सब को लूट रही है।
संजय श्रीवास्तव ने आगे कहा कि कांग्रेस अपने आपराधिक कृत्यों की वजह से आंतरिक कलह के चक्रव्यूह में फंस चुकी है।पूर्व मंत्री अमरजीत भगत बड़े नेताओं को हार का जिम्मेदार मान रहे है और खुलेआम बयानबाजी कर रहे है कि हम टॉप लीडरशिप की वजह से चुनाव हार रहे है, जिसमें दीपक बैज,भूपेश बघेल , टीएस सिंहदेव का नाम वो बार बार बोल रहे है नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ,टीएस बाबा के ही नेतृत्व में चलने की बात कर रहे है ऐसे में कांग्रेस में किसी को किसी का नेतृत्व स्वीकार नहीं है हर कोई एक दूसरे पर केवल आरोप ही लगा रहा है।भाजपा ने जहां बूथ ,मंडल,जिला और प्रदेश के सभी संगठन के चुनाव समय पर कर लिए परन्तु कांग्रेस चार शर्मनाक हारो के बाद कलह के दल दल में डूबती जा रही है।
गुटबाजी के कारण छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल में दो पद खाली है।
भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस की चिंता में दुबली होने के बजाय भारतीय जनता पार्टी अपने दल की चिंता करे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल, राजेश मूणत जैसे नेता सरकार में तिरस्कृत क्यों है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। भाजपा में फैली आंतरिक गुटबाजी का ही नतीजा है कि सरकार को बने 1 साल से अधिक हो गये राज्य मंत्रिमंडल में 2 पद अभी भी खाली पड़े है। भाजपा को पता है जैसे ही मंत्रिमंडल के खाली दो पद भर दिये जायेंगे पार्टी में बगावत हो जायेगी और भाजपा की सरकार गिर जायेगी। वरिष्ठ विधायकों को अभी उम्मीद है कि शायद मंत्रिमंडल के बचे 2 पदों में उनकी लाटरी खुल जाये इसी लिये वे शांत है। जैसे ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा भाजपा विधायक दल में बगावत की चिंगारी फूटेगी।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार कौन चला रहा है, यह बता पाने की स्थिति में न तो भाजपा के नेता है, न भाजपा के कार्यकर्ता और न ही सरकारी अधिकारी। सरकार की कार्यप्रणाली से लगता है सरकार दिल्ली से रिमोट के माध्यम से चलाई जा रही है लेकिन प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री ओपी चौधरी ऐसी धौंस दिखाते है जैसे सरकार के सर्वेसर्वा वे ही है। भाजपा सरकार के चारों पावर सेंटर एक दूसरे को हमेशा नीचा दिखाने में लगे रहते है। मुख्यमंत्री कुछ कहते है उसके विपरीत उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान आ जाता है। मुख्यमंत्री के वित्तीय निर्णयों पर उनके मातहत मंत्री ओपी चौधरी अड़ंगा लगाते रहते है। वरिष्ठ नेता रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, इंतजार कर रहे कब सरकार में बगावत हो और वे सरकार पर कब्जा कर लें।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा ईवीएम में गड़बड़ी करके नगरीय निकाय चुनाव भले ही जीत गयी है लेकिन पंचायत चुनाव में जनता ने भाजपा को बुरी तरह से नकार दिया है। भाजपा के नेता सत्ता के मद में यह न भूले राज्य में 1 साल पहले उनके मात्र 14 विधायक थे, कांग्रेस के 71 विधायक थे, सारे महापौर कांग्रेस के थे, सारे पालिक, पंचायतों में कांग्रेस का कब्जा था। यदि भाजपा सरकार में वापसी कर सकती है तो कांग्रेस का 2028 के चुनाव में वापस आना तय है।






