रिश्वतखोर पटवारी अनिकेत साव निलंबित, किसान से तीस हजार लेने के बाद भी नही किया कोई काम

बिलासपुर/ एक तरफ भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों पर आए दिन एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई की जा रही है, उसके बाद भी बैखोफ रिश्वतखोरी जारी है। ताजा मामला बिलासपुर जिले में सीमांकन के बदले किसान से रिश्वत लेने का सामने आया है, जिसमें कोटा के एसडीएम तन्मय खन्ना ने पटवारी अनिकेत साव को निलंबित कर दिया है। रतनपुर के तहसीलदार के प्रतिवेदन अनुसार, पटवारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। और जांच के दौरान संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय तहसील कार्यालय बेलगहना नियत किया गया है।
निलंबित पटवारी को एक सप्ताह के अंदर नोटिस देकर विभागीय जांच शुरू करने के एसडीएम ने निर्देश दिए हैं। और तहसीलदार को आदेश दिया गया है कि अनिकेत साव के कार्यकाल की समीक्षा करें, यदि कोई फर्जी या गलत कार्य मिला तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए।
दरअसल पटवारी अनिकेत साव पर जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने और ऋण पुस्तिका जारी करने के बदले 60 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। किसान केवल दास मानिकपुरी ने 30 हजार रुपये 10% ब्याज पर कर्ज लेकर पटवारी को दिए, लेकिन काम नहीं हुआ तो इस मामले की शिकायत कोटा एसडीएम से की गई, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।







