क्राइम रिपोर्टछत्तीसगढ़

राजिम में रेत माफिया का आतंक, पत्रकारों पर जानलेवा हमला

पत्रकारों ने भागकर अपनी जान बचाई, देखें वीडियो

NNH राजिम/ छत्तीसगढ़ के राजिम विधानसभा क्षेत्र के पिताईबंद ग्राम में अवैध रेत खनन की खबर को कवर करने गए पत्रकारों पर रेत माफिया के गुंडों ने हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई, जब पत्रकार अवैध रेत खनन की गतिविधियों को कैमरे में कैद कर रहे थे, तब वहां पर पत्रकारों को लाइव कवरेज करने से रोका गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माफिया के लठैतों ने पत्रकारों को धमकाया और फिर उनपर हमला कर दिया। बताया जा रहा है रेत घाट के गुंडों ने जान से मारने की नीयत से हवाई फायर किए।

पत्रकारों को अपनी जान बचाने के लिए करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ना पड़ा। लगभग एक घंटे तक जंगल और खेतों में छिपकर उन्होंने अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। एसडीएम और पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचे और पत्रकारों को सुरक्षित राजिम थाने लाया गया।
राजिम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमलावरों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने क्षेत्र में छापेमारी शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हमला सुनियोजित था और रेत माफिया के लठैतों ने पत्रकारों को अवैध गतिविधियों को उजागर करने से रोकने के लिए यह कदम उठाया।

पत्रकारों में आक्रोश:
इस घटना ने पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पत्रकारों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहन जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे। पत्रकारों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।” साथ ही, अवैध रेत खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों को और तेज करने की बात कही गई है।

पत्रकारों ने मांग की है कि इस मामले में न केवल दोषियों को सजा दी जाए, बल्कि अवैध रेत खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए। इसके अलावा, पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान और सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग उठ रही है। यह घटना न केवल पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि छत्तीसगढ़ में रेत माफिया के बढ़ते प्रभाव को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

Back to top button