
NNH-CG GST RAID/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार-मंगलवार को आधा दर्जन स्टेशनरी कारोबारियों के यहां GST की रेड पड़ी है। जैसे ही जीएसटी विभाग की टीम ने दबिश दी, तो कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई। और उनके व्यसायिक प्रतिष्ठानों में दिनभर जांच चली।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार व्यापारियों ने 12 लाख से 18 लाख तक टैक्स का भुगतान किया है। जीएसटी टीम की जांच में यह पता चला कि करोड़ों का कारोबार करने के बावजूद इन फर्मों ने टैक्स का भुगतान या तो नगण्य किया या बिल्कुल नहीं किया है।
जीएसटी की टीम ने एक रसूखदार कारोबारी की होलसेल दुकान में भी छापेमार कार्रवाई कर दस्तावेजों की जांच की और उस रसूखदार व्यापारी ने भी लाखों रुपए का जीएसटी का भुगतान किया है। होलसेल स्टेशनरी कारोबारी के यहां जीएसटी विभाग की छापेमार कार्रवाई के अगले दिन व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मिलकर अपनी व्यथा साझा की और जीएसटी के सरलीकरण की मांग की है।
पिछले हफ्ते ही एक साथ 6 शहरों में हुई थी GST की बड़ी रेड
बता दें कि जीएसटी विभाग द्वारा पिछले हफ्ते भी रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, रायगढ़ और जगदलपुर में एक साथ छापेमारी कार्रवाई करते हुए गुटखा, कपड़ा, ट्रांसपोर्ट, जूते और ड्रायफ्रूट से जुड़े कारोबारियों के दफ्तरों और गोदामों की गहन तलाशी की थी। और जांच में यह सामने आया था कि कुछ फर्मों ने बोगस बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का सहारा लिया था। इनके अकाउंटिंग सिस्टम अधूरे थे, और कई फर्मों के पास लेखांकन का कोई प्रमाणिक रिकॉर्ड ही नहीं मिला था।
जीएसटी विभाग के सख्त रुख से व्यापारियों में डर, व्यापारियों के बड़े संगठन मौन
उक्त शहरों में कार्रवाई के बाद राज्य जीएसटी के स्पेशल कमिश्नर टी.एल. ध्रुव ने बताया था कि करीब 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पुष्टि हो चुकी है। सभी फर्म संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और अब विभाग बड़ी पेनाल्टी के साथ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टैक्स चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसके बाद रायपुर के बड़े होलसेल स्टेशनरी कारोबारी के यहां छापेमारी की गई है। जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है, और जीएसटी की छापेमार कार्रवाई से व्यापारी डरे हुए हैं।
गौरतलब है कि 28 जून को छत्तीसगढ़ फुटवियर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिव गंगवानी ने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष से मुलाकात की था, जहां व्यापारियों ने बताया था कि जीएसटी के द्वारा लगातार होते छापों और छोटे छोटे दुकानदारों से जबरदस्ती रकम जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं, जिस पर व्यापारियों ने बड़ा रोष व्यक्त किया करते हुए प्रदेश बंद की बात कही थी। जिसपर चेंबर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने फुटवियर व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें आश्वासन दिया था कि चेंबर उनकी इन चिंताओं को उचित मंचों पर उठाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारिक समुदाय के सामने आ रही इन समस्याओं का समाधान सरकार के साथ मिलकर निकालने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। थौरानी ने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी, और जल्द ही एक हेल्प डेक्स बनाने का व्यापारियों को आश्वासन दिया था, जिसके अंतर्गत जीएसटी एवं इनकम टैक्स से संबंधित परेशानियों का समाधान किया जाएगा, जिसपर अबतक कोई ठोस काम होता नही दिखाई दे रहा है। वहीं व्यापारियों के राष्ट्रीय स्तर के संगठन कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी ने भी जीएसटी की इस कार्रवाई पर अबतक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नही की है। और जीएसटी की कार्रवाई थमने का नाम नही ले रही है।लेकिन डरे हुए व्यापारी अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि बड़े व्यापारी संगठन उनकी इस समस्या का समाधान करेंगे।







