नई गाइड लाइन को तत्काल निरस्त करने की मांग

NNH रायपुर/ जमीन की गाइड लाइन में वृद्धि को लेकर पंजीयन समस्या निवारण संगठन द्वारा क्रमबद्ध तरीके से लगातार राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है। आज इसी कड़ी में संगठन के सभी सदस्य रायपुर कलेक्टर से मिले और ज्ञापन सौंप कर अवगत कराया कि जमीन के पंजीयन की नई गाइड लाइन में बहुत ही ज्यादा त्रुटि है। प्रतिनिधि मंडल ने नई गाइड लाइन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
सभी सदस्यो की विरोध स्वरुप यह मांग है कि यदि सरकार को रेट बढ़ाना ही था तो किसी ज़मीन के जानकार को लेकर समझदारी के साथ यह करना चाहिये था ताकि लोगो को इसमें हानि या परेशानी ना हो। जानकारों का कहना है कि नई गाइडलाइन दरें कई क्षेत्रों में बाजार दर से भी अधिक हो गई हैं। नई दरों से खरीदारों पर सीधा असर पड़ा है। शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्री 200-400 प्रतिशत तक वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में 50-400 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। रायपुर के आसपास के गांवों में जहां पहले एक हेक्टेयर जमीन पर 25–30 लाख का स्टाम्प लगता था, अब यह बढ़कर 1 से 1.5 करोड़ तक पहुंच गया है। स्टाम्प शुल्क के अलावा पंजीयन शुल्क अलग से देना होगा। जमीन कारोबारियों का कहना है कि सात नवंबर को रजिस्ट्री से संबंधित नियमों में संशोधन किया गया था, उसमें भी कई विसंगतियां थीं। अब अचानक गाइडलाइन बदलने से आम खरीदार और पक्षकारों को बड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अतः सभी जमीन कारोबारियों ने एक स्वर में नई गाइड लाइन को तत्काल निरस्त करने की राज्य सरकार से मांग की है।
ज्ञापन देने वालों मे दलजीत चावला, दीपक जयसिंघानी, आशीष शुक्ला, राहुल छाबड़ा, मनीष माखीजा, प्रशांत शर्मा, मुरली गांवरी,संजय हबलानी, सतीश माखीजा, सोना राव, टिना राव, नागेश दुबे,रवि साहू, विनय कुमार, राजेश अग्रवाल, व अन्य जमीन कारोबारी उपस्तिथ थे।







