25 लाख के इनामी नक्सली अनंत उर्फ विकास नागपुरे उर्फ विनोद रामास्वामी ने 11 साथियों के साथ किया गोंदिया में सरेंडर

NNH रायपुर/ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ (एमएमसी कारिडोर) में माओवादियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को 11 सक्रिय और हार्डकोर नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गोंदिया में हथियारों के साथ समर्पण कर दिया। इनमें 15 फरवरी तक समय मांगने वाला माओवादी संगठन का प्रवक्ता और स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य अनंत उर्फ विकास नागपुरे शामिल है, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। अन्य माओवादियों में आठ-आठ लाख के इनामी डिविजनल कमेटी (डीवीसी) सदस्य नागसु उर्फ गोलू और रानो उर्फ रम्मो भी शामिल हैं।
सभी सरेंडर नक्सलियों पर कुल 89 लाख रुपए इनाम था घोषित
महाराष्ट्र के गोंदिया में नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख नेता अनंत उर्फ विकास नागपुरे उर्फ विनोद रामास्वामी ने 11 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया। 25 लाख के इनामी इस नक्सली के सरेंडर से खैरलांजी हत्याकांड (2006) और भीमा कोरेगांव हिंसा (2018) जैसे मामलों में नक्सली षड्यंत्रों के राज खुल सकते हैं। सरेंडर से एमएमसी जोन (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) का ट्रायंगल नक्सल-मुक्त घोषित होने की स्थिति में है। सभी सरेंडर नक्सलियों पर कुल 89 लाख रुपए इनाम घोषित था।
विकास नागपुरे उर्फ अंनत ने नागपुर में छात्र संगठन के माध्यम से नौजवानों को माओवादी विचारधारा से जोड़ा था। आत्म समर्पण के बाद अनंत ने कहा कि लोग अब जनता अब हथियारबंद संघर्ष को स्वीकार नही कर रही है।अनंत ने आत्म समर्पण के लिए 15 फरवरी तक समय मांगा था, लेकिन उसने अब सरेंडर कर दिया है। गोंदिया में नक्सली अंनत के सरेंडर करने के बाद महाराष्ट्र पुलिस को नक्सलियों का शहरी नेटवर्क और कई अहम जानकारियां मिल सकती।







