
NNH रायपुर/ आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई शहादत व खून देकर बलिदानी मजदूरों का दिवस है। प्रदेश के 4 माह से आंदोलनरत सहायक शिक्षक डीएड प्रदेश के आदिवासी समाज के शिक्षित सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला में समायोजित करने का मंत्री परिषद का निर्णय उनके संघर्ष की जीत है। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने कहा है कि 2621 आंदोलनकारी शिक्षकों को यह अनुभव मिला कि मजदूर आंदोलन का इतिहास गवाह है कि संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती है। उन्होंने मांग की है कि आंदोलन अवधि में वे हड़ताली सहायक शिक्षक गरीबी रेखा में आ चुके हैं लाखों रुपए खर्च और संघर्ष कर चुके हैं। ऐसी स्थिति में आंदोलन अवधि का प्रति माह कुछ मानदेय सम्मान निधि स्वरूप देकर, उनके विरुद्ध थानों में दर्ज प्रकरणों को वापस लेने का निर्णय लेकर आज मजदूर दिवस में उनको सम्मानित करना चाहिए। इसके साथ ही उनकी सेवाएं आज 1 मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस से गणना करते हुए उनके आंदोलन व उनके श्रम का सम्मान किया जाना चाहिए।
विजय झा ने कहा है कि आज प्रतिवर्ष अनुसार रायपुर ट्रेड यूनियन काउंसिल के तत्वाधान में फाफाडीह टेलीफोन एक्सचेंज में संध्या 5 बजे मई दिवस की सभा रैली होगी। जिसे ट्रेड यूनियन कौंसिल संयोजक एचपी साहू, सुधाकर चिलमवार, सुख दास बंजारे, संजय शर्मा सहित मजदूर नेता रैली का नेतृत्व करते हुए सभा को संबोधित करेंगे। श्री झा ने बीएड सहायक शिक्षकों से अपील की है किअति उत्साहित होकर शिक्षा कर्मियों जैसे स्वागत सत्कार की जरूरत नहीं है। आदेश निकलने पर ही स्पष्ट होगा। विज्ञान सहायक प्रयोगशाला के लिए फिजिक्स केमिस्ट्री विज्ञान विषय आवश्यक है। उसके लिए 3 साल का समय देंगे। इसका मतलब 3 साल तक विज्ञान सहायक का वेतन न देकर कुछ मानदेय स्वरूप राशि मिलेगा। इसलिए शिक्षा कर्मियों जैसे स्वागत सम्मान अति उत्साह करना जल्दबाजी होगा।







