छत्तीसगढ़विभागीय समाचारशिक्षा

छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने किया प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के डिपो में अव्यवस्था और निजी स्कूलों के साथ भेदभाव करने का लगाया आरोप

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने पाठ्य पुस्तक निगम  के गोदाम के सामने प्रदर्शन किया है। प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने नारेबाजी करते हुए निगम के एम.डी. पर भेदभावपूर्ण और सौतेला रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक पुस्तकें उपलब्ध नही कराई गई हैं।

छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम के द्वारा सरकारी स्कूलों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन निजी स्कूलों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। राठी ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में पुस्तकें पहुंचाकर दी जा रही हैं, जबकि निजी स्कूलों को रायपुर डिपो में जाकर पुस्तकों को स्कैन कर लेने को कहा जा रहा है, जहां भारी अव्यवस्था है।

सुबोध राठी ने बताया है कि राजधानी रायपुर के भनपुरी स्थित डिपो में न तो शौचालय की और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। निजी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं दिनभर भूखे-प्यासे खड़े रहकर स्कैनिंग कर रहे हैं, लेकिन लगातार सर्वर डाउन होने की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सैकडों किलोमीटर दूर से आए शिक्षक-शिक्षिका पुस्तकों के लिए घण्टों इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन वहां पर बैठने तक की सुविधा नही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह सब जानबूझकर निजी स्कूलों को परेशान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

अशासकीय विद्यालय के अध्यक्ष सुबोध राठी ने कहा है कि कि जब तक निजी स्कूलों को भी पुस्तकें शासकीय विद्यालयों की तरह सीधे पहुंचाकर नहीं दी जातीं, तब तक वे पुस्तकें लेने से इनकार करेंगे। वहीं राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वह इस विषय में हस्तक्षेप कर पाठ्य पुस्तक निगम की मनमानी पर रोक लगाएं और सरकारी स्कूलों की तरह ही निजी स्कूलों को भी पुस्तकें पहुंचाकर दी जाएं।

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