देवभोग अश्लील डांस मामले में 14 लोग गिरफ्तार, सूरजपुर के वन विभाग रेस्ट हाउस में भी अश्लील डांस का वीडियो हुआ वायरल, डिप्टी रेंजर निलबिंत

NNH खबरों की खबर/ गरियाबंद जिले के देवभोग में अश्लील डांस का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में ओड़िसा से डांसर्स बुलाई गई थी, जहां डांसर ने अर्धनग्न होकर अश्लील डांस की प्रस्तुति दी। और डांस कार्यक्रम में मैनपुर के एसडीएम तुलसी दास मरकाम, सहित पुलिसकर्मी व रसूखदार लोग डांसर पर नोट उड़ाते और ठुमके लगाते नजर आये। जिसका वीडियो सोशल पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था, और बाद में इस कार्यक्रम का जमकर विरोध किया गया था। अब इसी मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस अश्लील डांस मामले का संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर ने कार्यवाही करते हुए एसडीएम तुलसीदास मरकाम को हटाकर कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया गया है। तो वहीं तीन पुलिस कर्मियों को भी निलंबित किया गया है।
अश्लील डांस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने और शांति भंग करने के तहत कार्यवाही की गई है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
सूरजपुर वन विभाग रेस्ट हाउस में अश्लील डांस, डिप्टी रेंजर निलंबित…!
वहीं सूरजपुर के वन विभाग रेस्ट हाउस में भी अश्लील डांस का मामला सामने आया है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में वन विभाग के दो अफसरों की पहचान कर उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सूरजपुर के कुमेली स्थित वन विभाग रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आते ही मामले में तूल पकड़ता देख वन विभाग ने डिप्टी रेंजर रविशंकर तिवारी और वन पाल शैलेश टीना लकड़ा को निलंबित कर दिया है। दोनों पर शासकीय कर्तव्यों में लापरवाही और विभाग की छवि धूमिल करने का आरोप है। इसके अलावा रामानुजनगर के तत्कालीन रेंजर आर.सी. प्रजापति को भी इस मामले में जिम्मेदार मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे स्पष्ट जवाब मांगा गया है कि वन विभाग के रेस्ट हाउस में इस तरह की अश्लील गतिविधियां कैसे हुई।
डीएफओ वन विभाग ने वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में DFO ने पुलिस अधीक्षक (SP) को पत्र लिखकर FIR दर्ज कराने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इसपर वन मण्डलाधिकारी ने कहा कि शासकीय रेस्ट हाउस में इस तरह की गतिविधियों का वीडियो वायरल होने से वन विभाग की छवि खराब हुई है। विभागीय स्तर पर इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और आगे और भी कार्रवाई संभव बताई जा रही है।







