ईरान के सुप्रीम लीडर ख़ामेनेई की हमले में मारे जाने की पुष्टि
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा; इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई की मौत, खामेनेई की आखिरी पोस्ट; अल्लाह से जो वादा किया, उसे पूरा कर दिखाया

Israel-US Attacks Iran News/ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए दावा किया है कि इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए हैं। इसके अलावा ईरान के सरकारी मीडिया ने भी ख़ामेनेई के मौत की पुष्टि कर दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी न्यूज एजेंसी FARS ने बताया कि अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर की बेटी, उनके दामाद और पोते की भी मौत हो गई है।
86 साल के खामेनेई को इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक करार देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि US इंटेलिजेंस और एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम ने तेहरान में खामेनेई के सुरक्षित कंपाउंड को कामयाबी से निशाना बनाया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई की मौत हो गई है, वह हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाया और इजरायल के साथ मिलकर काम करते हुए, वो या उसके साथ मारे गए दूसरे नेता कुछ भी नहीं कर सके।”
खामेनेई की आखिरी पोस्ट; अल्लाह से जो वादा किया, उसे पूरा कर दिखाया
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में खामेनेई की जान चली गई। ईरान की ओर से भी इस बात की पुष्टि कर दी गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर की गई है।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने आखिरी पोस्ट में लिखा है कि, ‘अल्लाह से जो वादा किया, उसे पूरा कर दिखाया’, खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का आखिरी पोस्ट जो फारसी भाषा में लिखी गई है। इसमें कहा गया, ‘ईमान वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने अल्लाह से जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिखाया। फिर उनमें से कोई तो अपनी मन्नत पूरी कर चुका (शहीद हो गया) और उनमें से कोई इंतजार कर रहा है। उन्होंने (अपने इरादे में) जरा भी तब्दीली नहीं की।’
सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान के लोगों में गहरा दुख और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है, और 40 दिन का सार्वजनिक शोक और 7 दिन का अवकाश घोषित किया गया है।







