
NNH Health /कई वर्षों से किडनी की बीमारी को एक ऐसी समस्या माना जाता रहा है जो धीरे-धीरे बढ़ती है और पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती। डॉक्टर अब तक सिर्फ इसे नियंत्रित करने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन इसे पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं माना जाता था।
लेकिन अब विज्ञान की दुनिया से एक ऐसी खबर आ रही है, जो किसी साइंस फिक्शन जैसी लगती है। वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रयोगों में एक ऐसा तरीका खोजा है, जिससे किडनी को हुए नुकसान को वास्तव में उल्टा किया जा सकता है। यानी जो खराब हो चुका है, उसे फिर से ठीक किया जा सकता है।
इस शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि किडनी में कुछ ऐसे छिपे हुए अणु (molecules) होते हैं, जो समय के साथ किडनी में दाग (scarring) और रुकावट (blockage) पैदा करते हैं। यही दाग किडनी को धीरे-धीरे खराब करते हैं।
नई तकनीक इन हानिकारक अणुओं को निशाना बनाकर उन्हें हटाने या कम करने का काम करती है, जिससे किडनी के ऊतक (tissues) फिर से ठीक होने लगते हैं और उसकी कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है।
शुरुआती नतीजे काफी उम्मीद जगाने वाले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह तरीका इंसानों में भी काम कर गया, तो किडनी की बीमारी के इलाज का पूरा तरीका बदल सकता है।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात ध्यान देने वाली है—यह प्रयोग अभी सिर्फ लैब में और जानवरों पर ही किया गया है। अभी तक इंसानों पर इसका परीक्षण नहीं हुआ है। इसलिए इसे पूरी तरह से इलाज कहना अभी जल्दबाजी होगी।
फिर भी, यह खोज एक बड़ी उम्मीद जरूर जगाती है। क्या हम ऐसे समय के करीब हैं, जब किडनी की बीमारी अब जीवनभर की सजा नहीं रहेगी? विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है, और आने वाले समय में हमें इसके जवाब मिल सकते हैं। अगर यह शोध सफल होता है, तो यह सच में एक मेडिकल क्रांति साबित हो सकता है।
Source: ScienceDaily. (2025, November 14). Scientists discover a way to reverse kidney damage in mice.







