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छत्तीसगढ़ चैम्बर चुनाव 2025: अमर पारवानी ने आखिर क्यों लिया चुनाव नही लड़ने का फैसला…?

फैसले पर पुनर्विचार करने समर्थकों ने आज रखी है बड़ी बैठक

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज 2025 चुनावों की तैयारियां चल ही रही थी कि इसी बीच छत्तीसगढ़ चैम्बर के प्रदेश अध्यक्ष और जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमर पारवानी ने 11 मार्च को अचानक अपना नाम वापस लेते हुए अपरिहार्य कारणों से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। जिसके बाद राज्य व्यापार जगत और पारवानी के इस चौंकाने वाले फैसले जय व्यापार पैनल व समर्थकों में खलबली मच गई। अमर पारवानी ने एक पत्र जारी करते हुए लिखा है कि…

“प्रिय व्यापारी साथियों छत्तीसगढ़ चेम्बर 2025 का चुनाव मैं अपरिहार्य कारणों से नहीं लड़ रहा हूँ। लेकिन प्रदेश के 12 लाख से अधिक व्यापारी साथियों की सेवा के लिए मैं सदैव संकल्पित हूँ। आप सभी व्यापारी साथियों का जो स्नेह, अपनत्व एवं सहयोग मुझे प्राप्त हुआ वो मेरी जीवन की अमूल्य पूंजी हैं। छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं व्यापारियों की सेवा व सहयोग सदैव मेरी प्राथमिकता रहेगी। हमारे जय व्यापार पैनल को आप सभी व्यापारी साथियों का अपार समर्थन निरंतर प्राप्त हो रहा हैं।

आप सभी के बहुमूल्य स्नेह एवं आत्मीयता के लिए आभार एवं धन्यवाद। मेरे समय का क्षण-क्षण और जीवन का कण-कण सदैव आप सबकी सेवा में समर्पित रहेगा।”

अमर पारवानी के इस फैसले के बाद चैम्बर की राजनीति में भारी गहमा गहमी देखी गई। और पारवानी के समर्थकों के द्वारा उनसे अपने चुनाव नही लड़ने के फैसले पर पुनर्विचार करने का निवेदन किया है। अमर पारवानी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि…

निवेदन है ये पत्र अमर भैया तक पहुंचाओ
प्रिय अमर पारवानी जी,

सादर प्रणाम,

“हमने आपके द्वारा चुनाव से नाम वापस लेने का निर्णय सुना, और इस फैसले को सुनकर हमारे दिलों में एक गहरी पीड़ा और असंतोष की लहर उठी है। हम समझते हैं कि यह निर्णय आपके दिल से और व्यापार समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया होगा, लेकिन हमें विश्वास है कि आपके इस क़दम के पीछे कई मजबूरियाँ रही होंगी, जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। हम, छत्तीसगढ़ के व्यापारी समाज के हिस्से के रूप में, आपको यह बताना चाहते हैं कि हम आपके साथ हैं। चाहे सरकार या संगठन कितना भी दबाव डालें, हम सभी व्यापारी एकजुट हैं और हम इस संस्था में किसी भी प्रकार के दखलअंदाजी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम जानते हैं कि आप हमेशा हमारे अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं और हमारे स्वाभिमान की लड़ाई को आगे बढ़ाया है। हमारा विश्वास है कि व्यापारी समाज की आवाज़ को दबाने या उसे नियंत्रित करने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। यदि हमें इसकी आवश्यकता पड़ी, तो हम व्यापारी हित में पूरी ताकत के साथ खड़े होंगे, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार या कोई भी ताकत इस संस्था में हस्तक्षेप नहीं कर पाए। हमने आपकी ईमानदारी, समर्पण और व्यापार समाज के लिए किए गए संघर्षों को हमेशा सराहा है, और इस कठिन समय में भी हम आपका साथ देंगे। कृपया इस फैसले को वापस लें, क्योंकि हम सबका विश्वास आप पर है। व्यापारी समाज के लिए आपका नेतृत्व बहुत जरूरी है और हम चाहते हैं कि आप आगे बढ़ें, और अपने फैसले से हमें मार्गदर्शन दें।

अगर आपको कभी कोई भी संकोच या भय हो, तो याद रखिए, हम सभी व्यापारी आपके साथ खड़े हैं। हम एकजुट होकर इस संघर्ष में आपके साथ हैं, और हम व्यापारी संगठन के स्वायत्तता और गरिमा की रक्षा करेंगे।”

जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमर पारवानी के चुनाव नही लड़ने के निर्णय लेने के बाद अलग अलग कयास लगाए जा रहे हैं। एक तरफ चैम्बर में नए चेहरे को लाने की बात की जा रही है, जिसमे अजय भसीन का नाम भी सामने आया है। तो दूसरी तरफ इस फैसले को चैम्बर की राजनीति में सिंधी समाज के प्रभाव के एंगल से भी देखा जा रहा है। यह चर्चा थी कि जय व्यापार पैनल से अध्यक्ष पद के लिए अमर पारवानी और व्यापारी एकता पैनल से सतीश थौरानी का नाम तय होने के बाद दोनों उम्मीदवार सिंधी समाज से हैं, इसलिए दोनों के आमने सामने आने से समाज मतभेद बढ़ेंगे, जिसके चलते चुनाव न कराकर आपसी सहमति से पदाधिकारियों चयन की भी बात सामने आई है।

वहीं चैम्बर में राजनैतिक दखल को भी अमर पारवानी के नाम वापसी का कारण बताया जा रहा है। जय व्यापार पैनल और विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में अमर पारवानी के निर्णय के बाद ये चर्चा चल रही थी कि राजनैतिक दबाव के कारण पारवानी ने ये फैसला लिया है, जो कि व्यापारियों के हित में नही है। अब जय व्यापार पैनल के समर्थक अमर पारवानी के चुनाव नही लड़ने फैसले पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है। जिसको लेकर आज 12 मार्च को दोपहर कैट कार्यालय में व्यापारियों की बड़ी बैठक रखी गई है। अब देखना होगा कि आज की बैठक के बाद अमर पारवानी क्या निर्णय लेते हैं।

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