खबरों की खबरछत्तीसगढ़त्रिस्तरीय पंचायत चुनावराजनीति

नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में आज़ादी के बाद पहली बार ग्रामीणों ने किया मतदान

विजय शर्मा पहले मंत्री जो नक्सलगढ़ में ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे, जिनके प्रयासों से संवेदनशील इलाकों की स्थिति को बदलने में सरकार ने हासिल की है सफलता

NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न हो गया है। बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिले के कई अति संवेदनशील गांवों में आज़ादी के बाद पहली बार वोटिंग हुई है, जहां मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया। हार्डकोर नक्सली कमांडर हिड़मा के पूवर्ती जैसे गांव जो नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, उन इलाकों में भी आज़ादी के बाद ग्रामीणों ने पहली बार मतदान किया है। इसके पहले ग्रामीणों को 15 किलोमीटर दूर मतदान के लिए जाना पड़ता था, जो नक्सलगढ़ माने जाते थे, अब उन गांवों पुलिस कैंप खुलने के बाद यहां माओवादियों का डर कम हुआ है, जिसके चलते ही ग्रामीणों ने अपने ही गांव में मतदान किया है।

बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर जिले के गांवो में पहले कई पोलिंग बूथों को शिफ्ट किया जाता था, गांव के लोग पहले 10 से 15 किलोमीटर दूर पैदल चलकर वोट डालने मतदान केंद्रों तक जाते थे, और नक्सलियों की दहशत के कारण वोटिंग का प्रतिशत भी काफी कम होता था, लेकिन इसबार पंचायत चुनाव में मतदान प्रतिशत ठीक रहा है। वर्तमान में बस्तर संभाग के ऐसे कई गांव हैं जहां ग्रामीण मतदाता अपने ही गांव के मतदान केंद्रों तक मतदाताओं ने पहुंचकर वोटिंग की है।

सुरक्षा के लिहाज से इन गांवों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, और पूरे बस्तर संभाग में शांति से मतदान सम्पन्न होने की उम्मीद है। वहीं कुछ मतदान दलों को हेलीकॉप्टर से मतदान केंद्र तक रवाना किया गया है, मतदान संपन्न होने के बाद अगले दिन हेलीकॉप्टर के माध्यम से ही मतदान दलों को वापस लाने की तैयारी भी लगभग पूरी की जा चुकी है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार हेलीकॉप्टर का उपयोग काफी कम ही हुआ है, क्योंकि अंदरूनी इलाकों में पुलिस के कैम्प खुलने की वजह से सुरक्षा के बीच सड़कों का निर्माण हुआ है, जिससे मतदान दल इन गांवों तक आसानी से पहुंचकर मतदान सम्पन्न कराया है।

” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री गृह व पंचायत मंत्री विजय शर्मा पहले मंत्री हैं, जिन्होंने नक्सलगढ़ पूवर्ती गांव जो कि हार्डकोर नक्सली कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है, वहां पहुंचकर ग्रामीणों के बीच घंटो समय बिताया था, जिसकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सराहना की थी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के लगातार प्रयासों से ही इन संवेदनशील इलाकों की स्थिति को बदलने में सरकार ने सफलता हासिल की है। जिसके फल स्वरूप 23 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में ग्रामीणों ने आज़ादी के बाद पहली बार इन अति संवेदनशील इलाकों में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर मतदान में हिस्सा लिया है।”

Back to top button