
NNH रायपुर/ छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने कुल 16,390 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व संग्रह (GST कलेक्शन) कर देशभर में सबसे अधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में प्रथम स्थान पर ला दिया है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और तमिलनाडु 15% की वृद्धि दर के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की पहचान है।
राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा छत्तीसगढ़ ने जीएसटी ग्रोथ रेट में देश में पहला स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह ईमानदार करदाताओं व सुधारों की वजह से संभव हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया। ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई, जिससे 54% ई-वे बिल कम हो गए व 26% व्यापारियों को अब ई-वे बिल जनरेट करने की जरूरत नहीं पड़ रही। इसके अलावा 25 हजार रुपए तक के बकाया टैक्स को माफ कर 40 हजार व्यापारियों को सीधा लाभ दिया गया। ये सभी सुधार व्यापार को आसान बनाने व प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हमारे सभी करदाताओं और व्यापारियों को बधाई।
छत्तीसगढ़ में जनता टैक्स के बोझ और व्यापारी जीएसटी के भयादोहन से परेशान…!
वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ जीएसटी वसूली में देश में नंबर आने के सरकार के दावे पर सवाल करते हुए कहा है कि विष्णुदेव साय सरकार कर वसूली के मामले में अंग्रेजों से भी बेरहम है। भाजपा सरकारों का एक सूत्रीय नारा है की दैनिक उपभोग की वस्तुएं महंगी कर दो ज्यादा कीमत अर्थात उस पर ज्यादा टैक्स और सरकार को ज्यादा आमदनी। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद बेरोजगारी बढ़ी है, आमदनी और आम जनता की क्रय क्षमता घटी है, ऐसे में जीएसटी कलेक्शन में 18 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आम जनता से बेरहमी से कर वसूल रही है। जीएसटी के अधिकारियों ने टैक्स वसूली के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया है, अर्थदंड और जबरिया छापेमारी कर व्यापारियों से भयादोहन से व्यापारी परेशान हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि इसी से राज्य का जीएसटी कलेक्शन बढ़ गया। जिस बात के लिए भाजपा की सरकार को आम जनता से माफी मांगनी चाहिए उसे उपलब्धि बता कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। बैज ने आगे कहा कि ओपी चौधरी के वित्त मंत्री बनने के बाद छत्तीसगढ़ के व्यवसायी भय और आतंक के माहौल में व्यवसाय करने मजबूर हैं।






