डॉ.भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली, राहुल-प्रियंका गांधी होंगे शामिल

NNH Political Desk/ डॉ.भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू जिले में सोमवार को कांग्रेस ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली करेगी। इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शामिल होंगे।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस पवित्र भूमि से उठने वाला सामूहिक स्वर देश को यह संदेश देगा कि हम सब संविधान की मर्यादा, लोकतंत्र की रक्षा, और बाबा साहब के आदर्शों के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हम सभी के प्रेरणास्त्रोत, संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, डॉ. अंबेडकर नगर (महू), में आपका हार्दिक स्वागत है। यह पावन धरा, जहां बाबा साहब ने अपने जीवन का आरंभ किया, आज एक ऐतिहासिक आंदोलन का केंद्र बन रही है। 27 जनवरी को आपके नेतृत्व और उपस्थिति में कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी संकल्प “जय बापू, जय भीम, जय संविधान” अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच रहा है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र, संविधान और समानता की रक्षा के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन है। इस पवित्र भूमि से उठने वाला सामूहिक स्वर देश को यह संदेश देगा कि हम सब संविधान की मर्यादा, लोकतंत्र की रक्षा, और बाबा साहब के आदर्शों के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं। आपकी उपस्थिति और योगदान, न केवल कांग्रेस बल्कि पूरे देश के करोड़ों नागरिकों को यह भरोसा दिलाएगी कि संविधान पर खतरे की हर कोशिश का पुरजोर विरोध होगा। आज, जब लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों पर बार-बार प्रहार हो रहा है, ऐसे में आपका यहां आना असहमति के सामूहिक स्वर को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा ये कांग्रेस का पाखंड है…!

वहीं भाजपा प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कांग्रेस के इस कार्यक्रम को पाखण्ड करार दिया है। उन्होंने कहा कि 1952 के लोकसभा चुनाव में बंबई उत्तर मध्य निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को कांग्रेस के प्रत्याशी से लगभग 15,000 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। इसमे रोचक तथ्य यह है की इस चुनाव में 74,333 मतों को अवैध घोषित किया गया था, यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिस पर सवाल उठते रहे हैं।
उज्ज्वल दीपक ने आगे कहा कि विडंबना यह है कि कांग्रेस जो संविधान के निर्माता बाबासाहेब को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए तमाम तरह के षड्यंत्र कर रही थी, आज उन्हीं के बनाए संविधान की रक्षा की दुहाई देती नज़र आती है । यह पाखंड नहीं तो और क्या है?






