
NNH रायपुर/ रविवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर इलाके में खुले गड्ढे में गिरकर एक मासूम की मौत हो गई है, और दो बच्चे गंभीर है। बताया जा रहा है कि नगर निगम की लापरवाही के चलते ही काफी समय से ये गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया था, जिससे ये बड़ी दुर्घटना हो गई।
रायपुर के गुढियारी थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर इलाके में स्थित गुलमोहर पार्क कॉलोनी में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे सिवरेज टैंक के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में तीन मासूम बच्चे डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक बच्चे दिव्यांश की पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि डूबे बच्चों की उम्र महज 5 से 7 साल के बीच थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निगम द्वारा खोदे गए गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया था, जिसमें बारिश या पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी भर गया था। बच्चों के खेलने के दौरान वे गड्ढे में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। पुलिस और राहत टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और निगम की लापरवाही को लेकर रामनगर के लोगों में भारी आक्रोश है, और वहां के लोगों ने प्रशासन से जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तयकर ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा ये दर्दनाक हादसा नगर निगम की लापरवाही का नतीजा

इस घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और इसके बाद उपाध्याय ने कहा कि ये दर्दनाक हादसा नगर निगम की घोर लापरवाही का नतीजा है। मैं पीड़ित परिवार से मिला हूँ। मैंने उन्हें अपनी शोक संवेदना दी और न्याय का भरोसा दिलाया है। विकास उपाध्याय ने कहा कि कल निगम कमिश्नर और कलेक्टर से मिलकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने की मांग करेंगे।
विधायक राजेश मूणत की हिदायत के बाद भी ये बड़ी लापरवाही आई सामने

रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करते रहे हैं, और किसी भी तरह लापरवाही नही करने की हिदायत भी देते रहे हैं। दो दिन पहले ही राजेश मूणत ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ली बैठक ली थी, और कार्य प्रगति के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। राजेश मूणत ने साफ कहा था कि अवैध निर्माण, अवैध कब्जे और अन्य लापरवाही के लिए जोन कमिश्नर और ईई जवाब देना होगा। राजेश मूणत द्वारा लगातार हिदायत देने के बाद भी ये बड़ी लापरवाही सामने आई है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।






