मुर्शिदाबाद हिंसा: हिंदुओं को अपनी ही जमीन से जान बचाकर भागना पड़ रहा है

NNH कोलकाता/ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हाल ही में वक्फ कानून के खिलाफ हुई हिंसा ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ने कहा है कि इस हिंसा के बाद धुलियान से चार सौ से अधिक हिंदुओं को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है और वे सभी हिंदू परिवार मालदा के बैष्णबनगर में शरण ले रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उनकी तुष्टिकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपनी ही जमीन से जान बचाकर भागना पड़ रहा है। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई है और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने बताया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है।
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि हिंदू समुदाय के लोगों को नदी पार करके मालदा में शरण लेनी पड़ी है। उन्होंने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस से इन विस्थापित हिंदुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

हिंसा के दौरान हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया और कई जगहों पर तोड़फोड़ की गई। लोगों का आरोप है कि उनके घरों में आग लगाई गई और दुकानें लूट ली गईं है इस घटना के बाद मालदा में रिलीफ कैंप लगाए गए हैं, जहां पलायन करने वाले हिंदू समुदाय के लोग शरण ले रहे हैं। यहां पहुंचे लोगों ने बताया कि वो अपनी जान बचाकर यहां पहुंचेहैं।
सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर कट्टरपंथियों को शह देने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है।






