साबित करिए कि चुनाव आयोग गलत कर रहा है – सुप्रीम कोर्ट
"बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य रहेगा जारी"

NNH नई दिल्ली/ विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में हो रहे वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। 5 जुलाई को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने याचिका दाखिल की थी। इसके साथ ही वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ राजद सांसद मनोज झा, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के आदेश को रद्द करने की मांग की है।
याचिका में कहा गया, ‘आयोग का यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21, 325 और 326 के साथ जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 और रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल 1960 के नियम 21A का उल्लंघन करता है।’
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि हम सब चीजें नियमों में रहकर ही कर रहे हैं।याचिकाकर्ता के वकील ने इस पर सवाल उठाए तो SC ने कहा, साबित करिए कि चुनाव आयोग गलत कर रहा है।
सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के चुनाव आयोग को चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अपने कार्य को जारी रखने की अनुमति दे दी है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि प्रथम दृष्टया उसकी राय है कि न्याय के हित में, चुनाव आयोग को बिहार में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान आधार, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र आदि जैसे दस्तावेजों को भी शामिल करने पर विचार करना चाहिए। इसपर अगली सुनवाई अब 28 जुलाई को होगी।






