
लगातार आंदोलनरत किसान एवं जमीन व्यवसाय से जुड़े लोगों से मिलकर राज्य की भाजपा सरकार को जमीन की नई गाईड लाइन को वापस लेने करेंगे चरणबद्ध आंदोलन: विकास उपाध्याय
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीन की नई गाईड लाईन लाना छत्तीसगढ़ की जनता के ऊपर राजस्व का अतिरिक्त बोझ डालने जैसा: प्रमोद दुबे
NNH रायपुर/ बढ़ी हुई जमीन की गाइड लाइन को वापस लेने के लिए आंदोलनरत किसान और जमीन कारोबारियों से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय व पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने मुलाकात की। दोनों नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार जबसे राज्य में सत्तासीन हुई है तबसे लगातार अपने गलत फैसले से प्रदेश की आम जनता के जेब में डाका डालने का काम कर रही है फिर चाहे वो बिजली बिल हॉफ का मुद्दा हो या अभी पिछले दिनों जमीन पंजीयन में नई गाईड लाईन लाने का मुद्दा हो , सरकार के हर फैसले से आम जनता का नुकसान ही हो रहा है। ये जो नई गाईड लाईन का नियम राज्य सरकार में मंत्री ओपी चौधरी ने लाया है ये नियमतः साल के फाइनेंशियल ईयर में आता था लेकिन इस सरकार ने साल के मध्य ही ये नियम ला कर किसानों और व्यापारियों पर राजस्व का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि पंद्रह साल की रमन सरकार ने जिस छोटी रजिस्ट्री को रोक रखा था भूपेश बघेल जी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार बनते ही जमीन की छोटी रजिस्ट्री 5 डिसमिल से कम वाली रजिस्ट्री चालू कराया एवं जमीन की गाईड लाईन में तीस प्रतिशत कम कर आम जनता को राहत देने का काम किया था फलस्वरूप लगातार 5 साल जमीन का कारोबार सुव्यवस्थित चला।






