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कभी रसूखदार आईएएस अधिकारी रहे अनिल टुटेजा को आखिर क्यों बार-बार करनी पड़ रही है जेल की यात्रा

छत्तीसगढ़ के रसूखदार आईएएस अधिकारी रहे अनिल टुटेजा का सत्ता के गलियारों और राज्य विभिन्न विभागों अच्छा खासा प्रभाव था, लेकिन वक्त ने करवट ली और टुटेजा को अलग अलग घोटालों में विभिन्न जांच एजेंसियों का सामना तो करना ही पड़ा और जेल तक जाना पड़ा, और आज एक और मामले में गिरफ्तारी की गई है। आखिर अनिल टुटेजा को क्यों बार बार जेल की यात्रा करनी पड़ रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, किसी आईएएस (IAS) या उच्च सरकारी अधिकारी को बार-बार जेल या कानूनी मुकदमों का सामना राहु (Rahu) की खराब स्थिति और 12वें भाव के सक्रिय होने के कारण ज्योतिष के दृष्टिकोण से जेल जाने के प्रमुख ग्रह गोचर और योग निम्नलिखित हैं:

राहु का बारहवें भाव से संबंध: जेल यात्रा का सबसे बड़ा कारक राहु है। जब राहु का संबंध कुंडली के 12वें भाव (जो सैया सुख, खर्च और कारावास का होता है) से बनता है, तो जेल के योग बनते हैं। गोचर में राहु का प्रभाव के कारण यदि गोचर में राहु 12वें घर से गुजर रहा हो या 12वें घर के स्वामी के साथ युति बना रहा हो, तो बदनामी और जेल की नौबत आ सकती है।

इसके अलावा मंगल की खराब स्थिति के कारण यदि मंगल खराब हो या मंगल का राहु के साथ संबंध बने, तो अधिकारी किसी आरोप में फंसकर जेल जा सकता है। शनि न्याय का कारक है। यदि कुंडली के 12वें भाव या लग्नेश (लग्न का स्वामी) पर अशुभ शनि, मंगल और राहु का प्रभाव हो, तो जेल जाने की प्रबल संभावना होती है।

वहीं बंधन योग के चलते जन्म कुंडली में यदि दूसरे, पांचवें या नौवें भाव में पीड़ित ग्रह हों और 12वें भाव में पापी ग्रह बैठे हों, तो ‘बंधन योग’ बनता है, जो जेल ले जा सकता है। अशुभ दशा या राहु या मंगल की महादशा/अंतर्दशा भी जेल या कानूनी परेशानी का कारण बनती है।

आईएएस अधिकारी आमतौर पर तब फंसते हैं जब 10वें घर (कर्म) का स्वामी पीड़ित हो या शनि-मंगल का संबंध 6ठे/12वें भाव के साथ बने। कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) भी जेल जाने का एक बड़ा प्रशासनिक कारण होती है, जिसे ज्योतिष में खराब शनि से जोड़ा जाता है।

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