बजट में प्रदेश को कंजम्पशन स्टेट बनाने एवं नॉन टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने के प्रयास छत्तीसगढ़ को दीर्घकालिक लाभ देंगे: अमित चिमनानी

NNH रायपुर/ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं महालेखाकार के पूर्व सलाहकार सीए अमित चिमनानी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता पर बिना कोई टैक्स डाले छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कैसे बेहतर हो और विकास कार्यों के लिए कैसे सरकार अधिकतम राशि खर्च कर सके, इस दृष्टि से प्रदेश सरकार के बजट-2026-27 में जो प्रावधान है वो काबिल-ए-तारीफ है। श्री चिमनानी ने कहा कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में बड़ा कदम है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है। बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और विकास कार्यों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है। प्रदेश में पर्यटन के माध्यम से ‘नॉन-टैक्स रेवेन्यू’ बढ़ाने की योजना है। मैनपाट, बस्तर, सरगुजा सहित कई इलाकों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जो काम हुआ है, वह न केवल इस वर्ष के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इन क्षेत्रों में पर्यटन की असीम संभावनाओं को विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल राज्य की आय बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। श्री चिमनानी ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे प्रदेश में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार की प्रबल संभावनाएंँ बनेंगी।
चिमनानी ने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 5 नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की गई है। इससे अब प्रदेश के बच्चों को चिकित्सा शिक्षा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा। इसी प्रकार अधोसंरचना विकास के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का बड़ा आवंटन किया गया है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से पुल-पुलिया, सड़कों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में, स्कूलों और अस्पतालों के आधुनिकरण में और रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ विश्व स्तर पर निवेश का एक प्रमुख केंद्र बन सके। श्री चिमनानी ने कहा कि यह बजट केवल चालू वर्ष के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के बल पर छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है।






