समाज में कुछ लोग गुटबाजी कराने के षड्यंत्र में लगातार लगे हुए हैं; रमेश मीरघानी
दो धड़ों में बंटता दिखाई दे रहा है समाज, जिसपर दुख जताते हुए वरिष्ठ समाज सेवक रमेश मीरघानी ने कहा; सभी को देना चाहिए एकजुटता का परिचय

NNH रायपुर/ सिंधी समाज अपने प्रमुख त्यौहार चेट्रीचंड्र पर धूमधाम से हर साल रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है। यह कार्यक्रम में पहले रायपुर के शंकर नगर बीटीआई ग्राउंड में आयोजित किया जाता था, लेकिन अब वहां पर कार्यक्रम के लिए समाज की दूसरी संस्था छत्तीसगढ़ सिंधु सेवा महापंचायत द्वारा बुक करा दिया गया है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत अब ललित महल में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।
समाज में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज में अंदरूनी कलह और गुटबाजी अब सतह पर आ गई है। जिसके बाद समाज के धड़ों में बंटता दिखाई दे रहा है। जिसकी जमकर चर्चा और आलोचना भी हो रही है। एक तरफ समाजजनों का कहना है कि पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत समाज की सर्वमान्य संस्था है, जिसमें लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतकर महेश दरयानी अध्यक्ष बने हैं। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सिंधु सेवा महापंचायत भी ऐसा ही कार्यक्रम कराने की तैयारी कर चुकी है। महापंचायत के समर्थकों का मानना है कि हम लोग श्रीचंद सुंदरानी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के बैनर तले वर्षों से यह कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। और अब छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत में पूर्व पदाधिकारियों को प्रोटोकॉल का अनुरूप कोई स्थान नही दिया गया है, तो ऐसे में महापंचायत गठित वे भी बड़ा कार्यक्रम की तैयारी कर चुके हैं, जिसके चलते समाज में गुटबाजी साफ देखी जा सकती है। और कुछ लोग गुटबाजी कराने के षड्यंत्र में लगातार लगे हुए हैं।
वहीं सिंधी समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक समाजसेवी रमेश मीरघानी इस आपसी कलह से नाराज़ बताए जा रहे हैं। उन्होंने इसपर दुख व्यक्त करते हुए कहा ऐसे समय में समाज एकजुटता का परिचय देना चाहिए, लेकिन यहां आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण समाज को गलत दिशा में जे जाया जा रहा है। उन्होंने कि हमे समाज को जागरूक करना है न की ग़लत राह दिखाना और न ही चलना है। अभी हमारे समाज के द्वारा भगवान श्री वरुणदेव अवतार जी के अवतार झूलेलाल जी के जन्म उत्सव की तिथि आने वाली है, उसमे हम फिर एक दूसरे को कार्यक्रमों-प्रोग्रामो में गलतिया ढूँढते फिरंगे और दुसरे समाज वाले हमारे समाज का मजा लेते रहेंगे। एक तरफ तो हम सनातन संस्कृति की बात करते हैं दूसरी ओर हम हीरोइनों को बुलवा कर इष्टदेव के जन्मोत्सव को संस्कृति के विपरीत प्रमुख चौराहों पर डांस मस्ती में बदल देते हैं, वो आई हुई हिरोइन जाते जाते कुछ ऐसा बोल जाती हैं, जिसके बाद आयोजकों की वजह से समाज घिर जाता है, इसलिए जिसमें फूहड़ता का प्रदर्शन हो सामाजिक संगठनों को कार्यक्रम पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, और धार्मिक वातावरण में अपने समृद्धशाली इतिहास से अन्य समाजजनों को परिचित कराया जाना चाहिए।
समाज सेवक रमेश मीरघानी ने आगे कहा कि सिंधी समाज के अधिकांश लोग गुरुद्वारे भी जाते हैं, प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समाज के द्वारा आयोजित नगर कीर्तन में भी शामिल होते हैं, जिसमें पूरी तरह धार्मिक व अलौकिक वातावरण होता है। हम सभी उनसे अनुशासन सीखना चाहिए ताकि सिंधी समाज के द्वारा गरिमापूर्ण तरीके से कार्यक्रम सम्पन्न कराया जा सके। मीरघानी ने जोर देकर कहा कि समाज के जितने अगवान सम्मानीय लोग हैं, आपस में बैठ कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम करें, समाज का पैसा और समय समाज के जरूरतमंद लोगों के उत्थान और अच्छे कार्यों में लगाएं, न कि हीरो हीरोइन को बुलवाकर कोई बड़ा जलसा में करोड़ों रुपए की व्यर्थ बर्बादी और एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा में शक्ति प्रदर्शन कर समाज की छवि धूमिल न करें।







