
NNH सुकमा/ बस्तर संभाग में “नक्सल मुक्त बस्तर” अभियान को बीते मंगलवार को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिले में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत माओवादी संगठन में सक्रिय 22 सदस्यों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सरेंडर करने वालों में एक महिला माओवादी भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति तथा सुकमा पुलिस के “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर सामने आकर आत्मसमर्पण किया हैं। अधिकारियों ने बताया कि अंदरूनी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के साथ ही सड़कों का विस्तार और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने से माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर पड़ रही है।
मंगलवार 17 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जहां इस दौरान डीआईजी सीआरपीएफ रेंज जगदलपुर एस.अस्ल कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा सहित सीआरपीएफ और कोबरा वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता
डीआरजी सुकमा, जिला पुलिस बल, रेंज फील्ड टीम (RFT) जगदलपुर, सीआरपीएफ की 02, 111, 223 और 227 वाहिनी तथा कोबरा 201 वाहिनी की आसूचना शाखा की इस आत्मसमर्पण को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।







