अन्यछत्तीसगढ़जन-सरोकारविभागीय समाचार

पीएम श्री विद्यालय में अवैध पेड़ कटाई एवं बच्चों से झाड़ू-पोछा करवाने की घोर निंदा, तत्काल कार्रवाई की मांग

पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेजस सारंगढ़ के प्राचार्य एल.पी.पटेल पर गंभीर आरोप

NNH सारंगढ़/ जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़) के पीएमश्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तेजस (सेजेस) सारंगढ़ के छात्र संगठन, अभिभावक संगठन तथा स्थानीय जन सामान्य ने विद्यालय के प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद पटेल (एल.पी. पटेल) के खिलाफ पर्यावरण विनाश, छात्रों का शोषण एवं भ्रष्टाचार के अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी घोर निंदा की है तथा उनके विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जोरदार मांग की है। हाल ही में विद्यालय परिसर में लगभग 25 से 30 बड़े-बड़े पेड़ों की अंधाधुंध एवं अवैध कटाई कर दी गई है, जो बिना किसी सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बिना की गई है। यह कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का घोर उल्लंघन है, बल्कि विद्यालय के हरित आवरण को नष्ट कर छात्रों के स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक वातावरण को गंभीर क्षति पहुंचा रहा है। ऐसे बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए घातक है जबकि छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय,बीजेपी सरकार पेड़ लगाने के लिए रात दिन एक किया हुआ।और यह घोर निंदनीय कृत्य है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। इसके साथ ही, प्राचार्य पटेल द्वारा छोटे-छोटे बच्चों से रोजाना शाम को 4 बजे के बाद से झाड़ू-पोछा करवाया जा रहा है, जो बाल अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन तथा छात्रों का शारीरिक-मानसिक शोषण है। यह तानाशाहीपूर्ण रवैया विद्यालय को श्रम शिविर में बदल रहा है, जो शिक्षा के मूल उद्देश्य के विपरीत है और अत्यंत निंदनीय है। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के समक्ष 15 बिंदुओं वाली विस्तृत शिकायत पहले ही प्रस्तुत की है, जिसमें दैनिक समाचार पत्रों की कटिंग्स तथा उच्च कार्यालयों द्वारा पूर्व में भेजे गए जांच प्रतिवेदनों को प्रमाण के रूप में संलग्न किया गया है।श्री पटेल पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पद पर कार्यरत रहे हैं और उनके खिलाफ पहले भी कई जांचें एवं निलंबन हो चुके हैं।

प्रमुख संदर्भ निम्नलिखित हैं :मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत का पत्र क्रमांक 887/टीएल/जि.पं./2025, दिनांक 26 जून 2025
कलेक्टर कार्यालय का पत्र क्रमांक 1254/जि.पं./यु.यु.क./2025, दिनांक 18 जुलाई 2025
जिला शिक्षा अधिकारी का पत्र क्रमांक 2003/गो.शिका.जांच/2024-25, दिनांक 08 मई 2024

उक्त प्रतिवेदनों में श्री पटेल को नियमों का उल्लंघन करने तथा अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया था। वर्ष 2025 की परीक्षा के दौरान उड़न दस्ता दल में बिना अनुमति परिवर्तन करने के कारण उन्हें निलंबित किया गया था। निलंबन समाप्त होने के बाद दिनांक 06 अक्टूबर 2025 के शासन आदेश द्वारा उन्हें इसी विद्यालय में प्राचार्य पद पर पदस्थ किया गया।वर्तमान में उनके विरुद्ध प्रमुख आरोप निम्न हैं :विद्यालय परिसर में 25-30 बड़े पेड़ों की बिना अनुमति अवैध एवं अंधाधुंध कटाई कराना।

छोटे-छोटे छात्रों से रोजाना शाम को 4बजे से जबरन झाड़ू-पोछा करवाना।
सफाई के नाम पर शिक्षकों से जुर्माना वसूलने हेतु दबाव बनाना।
छुट्टियां स्वीकृत करने में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाना।
दोपहर भोजन अवकाश को मात्र 25 मिनट तक सीमित कर मुख्य द्वार पर ताला लगवा देना।
स्वयं कभी भी भोजन करने चले जाना, किंतु छात्रों एवं शिक्षकों को भोजन/नाश्ते के लिए जाने की अनुमति न देना।
विद्यालय परिसर में चना-मुर्रा ठेले वालों से प्रतिमाह ₹750 की अवैध वसूली कर प्रवेश अनुमति देना।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि श्री पटेल का यह कदाचार विद्यालय को पर्यावरणीय एवं शैक्षणिक रूप से तबाह कर रहा है। अवैध पेड़ कटाई एवं छात्र शोषण जैसे घोर निंदनीय कृत्यों से छात्रों का भविष्य खतरे में है तथा स्थानीय समुदाय में व्यापक रोष व्याप्त है।
मांग :
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, वन विभाग, माननीय कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय से अनुरोध है कि श्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल के विरुद्ध तत्काल स्वतंत्र जांच गठित की जाए, अवैध पेड़ कटाई पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई हो तथा दोष सिद्ध होने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई (निलंबन एवं पदच्युति सहित) की जाए। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र एवं अभिभावक संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Back to top button