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केंद्र के आदेश के बाद पाकिस्तानियों की आज वीजा अवधि समाप्त

यूपी में अठारह सौ, एमपी में 228 और छत्तीसगढ़ में भी रह रहे हैं सैकडों पाकिस्तानी नागरिक, हर हाल में छोड़ना होगा भारत

NNH नई दिल्ली/ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने आतंक के आका पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद एक कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को जारी वीजा को रद्द कर दिया है, और उन्हें आज समय सीमा समाप्त होने के बाद हर हाल में भारत छोड़ने का आदेश जारी किया गया है। मेडिकल वीज़ा पर इलाज के लिए आए पाकिस्तानियों के लिए 29 अप्रैल की समय सीमा तय की गई है। भारत सरकार के आदेश के बाद वाघा बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक वापस लौटते हुए दिखाई दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में रह रहे हैं 1800 पाकिस्तानी

उत्तर प्रदेश में लगभग 1800 पाकिस्तानी नागरिक निवास कर रहे हैं, इन्हें अब वापस पाकिस्तान जाना होगा। पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के फैसले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं, फिलहाल वो लोग खुद ही पाकिस्तान लौटने लगे हैं, वापस जाने की वीजा अवधि खत्म होने के बाद जो वापस नही लौटेंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यूपी पुलिस ने केंद्र सरकार के आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लगभग 1800 पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं, जो पिछले कुछ साल पहले वीजा लेकर आए थे, लेकिन वो वापस नहीं गए। जो पाकिस्तानी हिंदू हैं, उन्होंने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन भी नहीं किया है, इनमें पाकिस्तान से आए सिंधी हिंदू भी शामिल नहीं हैं। पाकिस्तान से बड़ी संख्या में आए हिंदुओं ने नागरिकता के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा यूपी के हजारों मुस्लिम परिवारों की भी पाकिस्तानी नागरिकों के साथ रिश्तेदारी है। उदाहरण के तौर पर बरेली में 35, बुलंदशहर में 18, वाराणसी में 10 और रामपुर में 30 पाकिस्तानी नागरिक हैं। जो वीजा अवधि खत्म होने पर छिप जाते हैं और पहचान बदल लेते है।

मध्यप्रदेश में 228 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की तैयारी

वहीं मध्यप्रदेश में भी लगभग 228 पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं। आज 27 अप्रैल से उन सभी के वीजा रद्द हो गए हैं। वीज़ा रद्द करने सरकार के फैसले के बाद मध्य प्रदेश में भी पुलिस हरकत में आ गई है, और भोपाल में भी पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश तेज कर उनको वापस भेजने की तैयारी की जा चुकी है। केंद्र सरकार चाहती है कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक तय समय से ज्यादा भारत में न रहे।

छत्तीसगढ़ में भी रह रहे हैं सैकड़ों पाकिस्तानी

इधर छत्तीसगढ़ में भी सैकड़ों पाकिस्तानी रह रहे हैं। इनमें हिंदू “सिंधी” पाकिस्तानी अधिक है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की थी, उन्होंने सभी पाकिस्तानियों के वीजा रद्द कर उन्हें वापस भेजने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद लगभग 24 हिंदू “सिंधी” पाकिस्तानी नागरिक छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर यहीं रहने की गुजारिश की थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में उनकी बहू-बेटियों का अपहरण कर इस्लाम कबूल करने मजबूर किया जाता है, और पुरूषों की हत्या कर दी जाती है। वो स्थानीय लोगों को अपनी दुकानें बेचकर यहां आए हैं, जबकि घर को ऐसे ही छोड़कर आए हैं। उन्होंने कहा कि अब वे कभी भी पाकिस्तान नही जाना चाहते हैं, और भारत की नागरिकता देने का आग्रह किया है, जिसपर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विचार करने की बात कही है। अब भारत सरकार के ताजा आदेश के बाद आज 27 अप्रैल को वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है, अब उन्हें भी भारत छोड़ना होगा।

इसी तरह दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित देश के सभी राज्यों में पाकिस्तानियों को वापस भेजने के लिए चिन्हित किया जा रहा है। पाकिस्तान से बड़ी संख्या में आए जिन हिंदुओं ने नागरिकता के लिए आवेदन किया है। यहां बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों का शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म वीजा पर आना-जाना होता है, जिसका कच्चा चिट्ठा केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और गृह विभाग रखता है। केंद्र सरकार के हालिया फैसले के बाद सभी जिलों में निवास कर रहे पाकिस्तानी नागरिकों का लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ब्यौरा जुटा रही है। बिना वीजा भारत में घुसने के लिए अधिकांश पाकिस्तानी नेपाल रूट का इस्तेमाल करते हैं। बीते दिनों नेपाल के रास्ते नोएडा आई सीमा हैदर भी इनमें शामिल है।हालांकि अधिकारियों का मानना है कि बांग्लादेशी नागरिकों के मुकाबले इनकी संख्या अधिक नहीं है। तमाम घुसपैंठियों द्वारा भारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने से उनकी पहचान कर पाना आसान नहीं होता है। इनमें से कुछ जासूसी करने के मंसूबे के साथ आते हैं। सीमा हैदर जैसे मामलों में सरकार जांच के बाद फैसला करेगी। सीमा की नागरिकता के लिए एप्लिकेशन राष्ट्रपति के पास पेंडिंग है।

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