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पाकिस्तान अपने नागरिक विमानों को ढाल के रूप में कर रहा है इस्तेमाल: कर्नल सोफिया कुरैशी

NNH नई दिल्ली/ 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। इसी बीच शनिवार को विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि 8 से 9 मई 2025 की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायु क्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 स्थानों पर 300-400 ड्रोन का इस्तेमाल घुसपैठ का प्रयास करने के लिए किया।

कर्नल सोफिया ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने Kinetic व Non Kinetic साधनों का उपयोग करके इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया। इतने बड़े पैमाने पर हवाई घुसपैठों का संभावित उद्देश्य वायु रक्षा प्रणालियों का परीक्षण करना और खुफिया जानकारी इकट्ठा करना था। ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वे तुर्की के Asisguard Songar ड्रोन हैं।

इसके उपरांत रात में पाकिस्तान के एक सशस्त्र UAV ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की, जिसे पकड़ा गया और उसे निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में 4 हवाई रक्षा स्थलों पर सशस्त्र ड्रोन्स लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा।

पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उरी, पुंछ, मेंढर, रजौरी, अखनूर और ऊधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन्स का उपयोग करके नियंत्रण रेखा के पार गोलीबारी भी की जिसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए और घायल हुए। भारतीय जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।

इसके अलावा पाकिस्तान का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार फिर से सामने आया। 7 मई 2025 को रात 8.30 बजे एक असफल-अकारण ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद पाकिस्तान ने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान अपने नागरिक विमानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। जबकि उसे अच्छी तरह से पता है कि भारत पर उसके हमले से हवाई रक्षा की तीव्र प्रतिक्रिया होगी।

ये भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित नागरिक उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं है। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया और इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमान सेवा की सुरक्षा सुनिश्चित की।

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