“ऑपरेशन सिंदूर” भारतीय सेना के दृढ़ संकल्प और साहस का प्रतीक
जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के खानदान को मिला दिया गया मिट्टी में

NNH Operation Sindoor/ भारतीय वायुसेना ने बुधवार रात डेढ़ बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ आतंकी ठिकानों पर जोरदार हवाई हमला किया। इस अभियान में बहावलपुर, मुरीदके, बाघ, कोटली और मुजफ्फराबाद में स्थित लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के मुख्यालयों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। इन हमलों में बहावलपुर में 30 लोगों की मौत हुई है, और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। “ऑपरेशन सिंदूर” 15 दिन पहले हुए पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को यह करारा जवाब था।

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारतीय सेना ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के ठिकाने पर सीधा प्रहार किया, जिसमें मसूद अजहर परिवार के 14 सदस्य मारे गए, और भारतीय सेना ने मसूद अजहर के खानदान को मिट्टी में मिला दिया है। जिसके बाद मौलाना मसूद अजहर ने कहा कि मुझे भी मर जाना चाहिए था। ऑपरेशन सिंदूर भारत और भारतीय सेना के दृढ़ संकल्प और साहस का प्रतीक है, जो आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

क्यों खास है ऑपरेशन सिंदूर…?
आतंक के गढ़ पर सीधा हमला: यह ऑपरेशन उन ठिकानों पर हुआ जहां आतंकवादी अपने आपको सुरक्षित समझते थे।
मसूद अजहर के परिवार पर हमला: यह उन आतंकियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि भारत उन्हें कहीं भी सुरक्षित नहीं रहने देगा।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: भारत ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं करेगा।
मसूद अजहर: जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और आतंक का मास्टरमाइंड, जो भारत में कई हमलों का जिम्मेदार रहा है। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने उसे सीधा संदेश दिया है कि आतंकवाद का कोई भविष्य नहीं है।
भारतीय सेना की वीरता का परिचय
हमारे वीर जवानों ने एक बार फिर अपने साहस और सटीकता से आतंकियों का खात्मा किया। यह ऑपरेशन सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि उन निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिन्होंने आतंकवाद का सामना किया।







