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इंदौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत, 1400 लोग बीमार

मंत्री ने मांगी माफी, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

NNH इंदौर/ देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश के इंदौर महानगर में दूषित पानी ने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से अधिक लोग बीमार व संक्रमित पाए गए हैं। अस्पताल में भर्ती कई लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

दूषित पानी पीने से गुरुवार को 14वीं मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की पहचान अरविंद (43) पिता हीरालाल, निवासी कुलकर्णी भट्टा के रूप में हुई है। अरविंद रविवार को काम के सिलसिले में भागीरथपुरा आया था। तबीयत बिगड़ने पर वह घर लौट गया और वहीं दवाइयां लेता रहा। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अरविंद अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसके परिवार में पत्नी व तीन बच्चे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव बीमार लोगों से मिलने अस्पताल पहुंचे, और उन्होंने निर्देश दिया कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नही होनी चाहिए।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लोगों ने किया विरोध

सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने पुष्टि की है कि, भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाई हो रहा था। उन्होंने कहा कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से प्राप्त रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि क्षेत्र के पानी में गंदगी है। वहीं मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का लोगों ने विरोध किया। मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा के बाद गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय स्कूटर पर अपने समर्थकों और स्थानीय नेताओं के साथ घर-घर चेक देने पहुंचे तो उन्हें मृतकों के परिजनों के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों ने साफ कहा कि अब क्या करने आए हो, हमें आपका चेक नहीं चाहिए, लोगों ने कहा कि उन्हें जरूरत साफ पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की हैं। लोगों ने पार्षद के रवैए को लेकर नाराजगी जताई

मंत्री विजयवर्गीय ने पत्रकार से कहे आपत्तिजनक शब्द

दूषित पानी से लोगों की मौत होने के बाद सवाल करने पर एक टीवी चैनल पत्रकार के द्वारा सवाल करने पर मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बिफर उठे और उन्होंने शब्दों की मर्यादा लांघते हुए कैमरों के सामने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। एक चैनल के सवाल पर मंत्री ने कहा-फोकट प्रश्न मत पूछो और पेयजल की व्यवस्था के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बिफर पड़े और आपत्तिजनक शब्द कह दिया था।

पत्रकार ने पूछा था – कैलाश जी भागीरथपुरा क्षेत्र के बहुत सारे मरीजों को बिल का भुगतान नहीं मिला है, जो कहा गया था कि रिफंड किया जाएगा और इलाके के लोगों के लिए पीने के पानी की ठीक व्यवस्था नहीं की गई है। इस पर मंत्री नाराज हो गए और बोले…अरे छोड़ो यार तुम फोकट प्रश्न मत पूछो, जब पत्रकार ने कहा कि मैं वहां होकर आया हूं तो बौखलाए मंत्री ने कह दिया-क्या घंटा होकर आए हो तुम… फिर पत्रकार ने उनसे कहा कि कैलाश जी आप ढंग से बात नहीं कर रहे तो मंत्री ने कहा-मैं ढंग से बात कर रहा हूं। इसके बाद पत्रकार और मंत्री के बीच गहमागहमी बढ़ गई।

कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार से आपत्तिजनक शब्द कहे जाने के बाद वह वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हालांकि विवाद बढ़ता देख कैलाश विजयवर्गीय ने अपने शब्दों पर खेद जताते हुए माफी मांग ली है। इस घटना के थोड़ी देर बाद मंत्री विजयवर्गीय ने अपने एक्स पर पोस्ट कर खेद प्रकट किया। उन्होंने अपने एक्स के एक पोस्ट में लिखा- मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटे हुए हैं। दूषित पानी से लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए, इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।

जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय से मांगा इस्तीफा

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादास्पद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा- इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीजी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है और इस जहरीले पानी की जिम्मेदारी पर सवाल किया जाए, तो मंत्री जी पत्रकार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि उन्हें विजयवर्गीय से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।

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