
NNH नई दिल्ली/ लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन बिल 2025 पास हो गया। राज्यसभा में बिल पर 12 घंटे से अधिक तीखी बहस के बाद देर रात वोटिंग कराई गई, और रात लगभग 2:30 बजे राज्यसभा से वक्फ विधेयक पारित हो गया। राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े।
वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद सत्ता पक्ष ने बिल को वोट बैंक की राजनीति से बाहर निकलकर राष्ट्रीय हित की ओर बढ़ाया गया कदम बताया है। तो विपक्ष ने बिल को संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ कहा। राज्यसभा में लम्बी चली चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी की स्थिति निर्मित होती रही।
बुधवार को ही लोकसभा में विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बीच वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को पारित हो गया। लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया जबकि बिल के विरोध में 232 वोट पड़े थे। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में चर्चा के दौरान बिल के खिलाफ 100 से अधिक संशोधन प्रस्ताव दिए थे लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। जिसके बाद चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन सहित कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जाती।
ओवैसी ने फाड़ा बिल

बुधवार को लोकसभा में भी वक्फ संशोधन बिल पर 12 घंटे से अधिक चर्चा चली। जहां अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया। वहीं लोकसभा में चर्चा के दौरान AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को फाड़ दिया। ओवैसी ने कहा की इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं।
अमित शाह ने कहा – वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा

वहीं लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को आड़े हाथ लिया और कहा था कि आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ देंगे, मैं इस सदन के माध्यम से देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा। अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा, ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है






