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रोजमर्रा की चीजें हो जाएगी सस्ती, राज्यों की सहमति जरूरी

NNH Business/ केंद्र सरकार जीएसटी की दरों में बदलाव पर विचार कर रही है, और जल्द ही इसपर राहत दे सकती है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग वर्ग को सीधा फायदा मिल सकता है। मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर टैक्स कम करने पर विचार कर रही है। जुलाई में होने वाली मीटिंग में जीएसटी परिषद इस प्रस्ताव पर फैसला ले सकती है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो मध्यम व निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए ये बड़ी राहत होगी।

वर्तमान में जिन वस्तुओं पर 12% जीएसटी लगता है सरकार उन वस्तुओं को 5% स्लैब में लाने पर विचार कर रही है, या फिर 12% टैक्स स्लैब को ही पूरी तरह से खत्म करना चाहती है। जिससे मध्यम, निम्न आय वर्ग के लोगों को जरूरत की चीजें सस्ती मिल सकेंगी। केंद्र सरकार का यह कदम महंगाई को काबू में लाने में भी मददगार साबित होगा।

सरकार यदि 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब को लागू करती है तो आपको 1000 रुपये कीमत से कम के जूते और कपड़े सस्ते दाम पर मिलेंगे। डेयरी प्रोडक्ट की बात करें तो घी, मक्खन, पनीर, डेयरी स्प्रेड के भी दाम घटेंगे। इसके अलावा, प्रोसेस्ड मांस-मछली, टॉफी-कैंडी और डेयरी ड्रिंक्स, सिरका, सब्जियां, फल ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, भुजिया, सोया बरी, कॉटन हैंड बैग, 20 लीटर सील बंद पानी बोतल, चश्मा, पेंसिल, जूते-चप्पल, खेल के सामान, पास्ता, नूडल्स, मैकरोनी फलों की जेली,मशरूम आदि सस्ते दाम पर उपलब्ध होंगे।

राज्य सरकारों की सहमति जरूरी

12 प्रतिशत स्लैब को घटाकर 5 प्रतिशत करने से उनके टैक्स रेवेन्यू में गिरावट आ सकती है। हालांकि, ग्राहकों को इसका काफी फायदा होगा। अगली जीएसटी परिषद की मीटिंग में इस पर फैसला लिया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले भी कहा था कि हम मध्यम और निम्न वर्ग को ध्यान में रखते हुए सही फैसला करेंगे। सरकार अब रोजमर्रा के सामानों पर लगाए जाने वाले 12 प्रतिशत की जीएसटी दर के स्लैब को कम करने पर विचार तो कर रही है, लेकिन उसके लिए राज्यों की सहमति भी बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार को इसके लिए राज्य सरकारों को भी इसके लिए तैयार करना होगा।

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